अब नही बनवाना पड़ेगा ड्राइविंग लाइसेंस! जानिये क्या है सरकार की योजना

भारत में हर हर घंटे लगभग 53 सड़क हादसे होते हैं जिनमें से हर 4 मिनट में एक की मौत जाती है . ये आंकड़ा वर्ल्ड बैंक (World Bank) का है. हमारे देश में दुनियाभर के वाहनों का केवल 1% है. इसके बाद भी सड़क हादसों में ग्लोबल डेथ के आंकड़े में हमारा योगदान 11% है. वर्ल्ड बैंक की इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत सड़क हादसों में हुई मौतों के मामले में पहले स्थान पर है.

इन हादसों के पीछे सबसे बड़ी वजह गाड़ी चलते वक्त बरती जाने वाली लापरवाही है या फिर हम इसके पीछे गाड़ी चलाने के ख़ास नियमों की जानकारी का आभाव भी मान सकते हैं..

गाड़ी चलने के लिए सबसे पहली बात तो ये है कि आपके पास लाइसेंस होना चाहिए. और लाइसेंस बनवाने के लिए आपको RTO ऑफिस जाना होता है. जहाँ पर आपका ड्राइविंग टेस्ट होता है लेकिन अब सरकार एक ऐसी योजना बना रही है कि आपको लाइसेंस के लिए RTO के चक्कर नही लगाने पड़ेंगे और ना ही आपको लाइसेंस की जरूरत होगी!

 

दरअसल एक्सिडेंट को कम से कम करने के लिए हाल में एक बड़ा नियम बना. इसके तहत लोगों को प्रॉपर ड्राइविंग स्कूल से गाड़ी चलाना सीखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ऐसे संस्थानों के बारे में बात की है.

मान्यता मिले हुए ये सेंटर लोगों को गाड़ी चलाने की पक्की ट्रेनिंग देंगे ताकि मुश्किल और तुरंत निर्णय लेने जैसे हालातों में ड्राइवर घबराकर कंट्रोल न खो दे. इस दौरान थ्योरी से लेकर प्रैक्टिकल भी कराया जाएगा. साथ ही सेंटर अपने यहां ही लोगों से ड्राइविंग ट्रैक पर प्रैक्टिस करवाएंगे. सेंटरों पर नए लोग भी आ सकेंगे, जिन्हें ड्राइविंग की ABC तक न आती हो.. साथ में वे भी ट्रेंनिंग ले सकते हैं जो छोटे कस्बो से निकल शहरों में आकर गाड़ी चलाना चाहते हैं.

ये एक तरह का कोर्स होगा और इसके इसके लिए आपको तमाम चरणों से गुजरना होगा, जैसे थ्योरी और प्रैक्टिकल. सेंटर पर ही ड्राइविंग ट्रैक होगी, जिसपर आपको गाड़ी चलानी होगी. परीक्षा में पास होने पर यहां भी सर्टिफिकेट मिलेगा. यही वो सर्टिफिकेट होगा, जो ड्राइविंग लाइसेंस का विकल्प होगा.  अगर आपके गाड़ी सीखने का सर्तिफिकाते होगा तो आपको लाइसेंस की जरूरत नही होगी.. ये नियम इसी साल जुलाई से लागू हो जाएगा. इसके बाद उन सेंटरों की पहचान की जाएगी, जो ड्राइविंग सिखाने के लिए सबसे बढ़िया हैं.

भारत में ज्यादातर ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षण नही लेते बल्कि वे किसी तरह गाड़ी चलाना सीख लेते हैं और फिर सड़कों पर निकल पड़ते हैं.. जरूरी नियमों का पालन न करें, नियंत्रण खो देने की वजह से दुर्घटनाएं बढती गयी है. इसी को कम करने के उद्देश्य से ड्राइविंग त्रिनिंग इंस्टिट्यूट खुलने की पूरी तैयारी सरकार ने कर ली है.