अगर लॉकडाउन न हुआ होता तो क्या हुआ होता? पढ़िए एक जरूरी रिपोर्ट

कोरोना वायरस के चलते पूरा भारत 22 मार्च से लॉकडाउन है. लॉकडाउन के बावजूद भी भारत में कोरोना से संक्रमित लोगों के आकड़े तेजी से बढ़े हैं. अब फिर ये स्थिति सामने आ रही है कि लॉकडाउन को फिर से बढ़ाना पड़ रहा है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर लॉकडाउन ना हुआ होता तो आज देश के हालात क्या होते?

हिंदुस्तान में अब तक 7528 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं, जिनमें से 242 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 643 लोग ठीक हो चुके हैं. अगर मोदी सरकार ने 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन नहीं किया होता, तो अब तक हालात बेहद खराब हो गए होते.

शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि अगर देशव्यापी लॉकडाउन और कंटेनमेंट नहीं किया गया होता , तो कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में 41 फीसदी का इजाफा होता और 15 अप्रैल तक कोरोना की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या 8 लाख 20 तक पहुंच जाती.

वहीँ अगर सिर्फ कंटेनमेंट किया गया होता, तो 15 अप्रैल तक कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या एक लाख 20 हजार तक पहुंच जाती है. शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में कल कोरोना वायरस से 40 लोगों की मौत हुई, जबकि कोरोना के 1035 नए मामले सामने आए.


इसी दौरान ये भी जानकारी सामने आई है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए भारत ने तेजी से तैयारी की है. देश में 586 COVID19 अस्पताल और एक लाख से अधिक आइसोलेशन बेड और 11 हजार 500 आईसीयू बेड की व्यवस्था की गई है. अब तक देश में एक लाख 71 हजार 718 लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है. शुक्रवार को 16 हजार 564 लोगों की कोरोना जांच की गई.