विश्व ओजोन दिवस पर पर्यावरण संरक्षण मंच ने किया वेबिनार का आयोजन, राकेश भास्कर ने की अध्यक्षता

विषय“एक कदम कल के लिए”

विश्व ओजोन दिवस (16 सिंतबर, 2021) के मौके पर “पर्यावरण संरक्षण मंच” ने एक वेबिनार का आयोजन किया. इस वेबिनार का विषय “एक कदम कल के लिए” रखा गया था. कार्यक्रम की अध्यक्षता “पर्यावरण संरक्षण मंच” के अध्यक्ष राकेश भास्कर ने की. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद और बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव शामिल हुए. वेबिनार का लाइव प्रसारण आज शाम 7 बजे पर्यावरण पोस्ट के डिजीटल प्लेटफार्म (youtube/ facebook) के जरिए किया गया.

इस कार्यक्रम में पर्यावरणविद सौम्या दत्ता, आजाद सिपाही के संस्थापक हरि नारायण सिंह, ग्रीन मैन विजयपाल बघेल शामिल हुए. कार्यक्रम के दौरान ओजोन परत की सुरक्षा और ओजोन परत को हो रहे नुकसान से इंसानों पर पड़ने वाले दुष्परिणाम पर चर्चा की गई. चर्चा की शुरुआत करते हुए राकेश भास्कर ने सभी मेहमानों का स्वागत किया. इसके बाद उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा किसी एक इंसान का काम नहीं है बल्कि हर इंसान का कर्तव्य होना चाहिए. अगर सभी लोग जागरूक हो जाये और अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण संरक्षण का जिम्मा उठा लें तो बदलाव जरूर दिखेगा.

हैरानी तो तब होती है जब ओजोन परत को लेकर अधिकतर लोगों के पास जानकारी नही है. अगर 10 लोग संरक्षण में काम करें और अगर कोई एक खराब करें तो सफलता मिलने की संभावना कम हो जाती है. जैसे किसी चीज को बनाने में साल लग जाते हैं लेकिन उसे गिराने में कुछ मिनट ही लगते हैं. आज के समय में इंसानी गतिविधियों के कारण किस कदर पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है. इसको हम अपने आस पास आसानी से महसूस करते हैं. मौसम में असामान्य बदलाव, धरती का बढ़ता तापमान, पिघलते बर्फ और प्राकृतिक आपदाएं हमें आगाह करती है इसलिए ये हम सभी का काम है कि हम पर्यावरण को सुरक्षित करें, संरक्षित करें.

मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए राज्यसभा सांसद समीर उरांव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि ओजोन के प्रति जागरूक होकर इसके लिए काम करे. ये सुधार किसी एक संस्था या किसी एक व्यक्ति से नहीं होगा बल्कि इसे जनआंदोलन के तौर पर बनाना होगा.

कार्यक्रम के दौरान ग्रीन मैन विजयपाल बघेल ने ओजोन की महत्ता बताते हुए कहा कि पेड़-पौधे कम हो रहे है जिससे ऑक्सीजन भी कम हो रहा है. यानी की हमारी सांसें भी कम हो रही है. सांसें हो रही है कम, आओ पेड़ लगाएं हम. विजयपाल बघेल ने आगे कहा कि स्वच्छ पर्यावरण में सांस लेने के लिए हर व्यक्ति पर औसतन 500 पेड़ होने चाहिए. ऐसे में आईए मिलकर ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाएं.

चर्चा में उपस्थित पर्यावरणविद सौम्या दत्ता ने ओजोन परत के महत्व को समझाते हुए कहा कि हमें इस तरह के गैसों का उत्सर्जन कम करना पड़ेगा जो ओजोन लेयर को नुकसान पहुंचातें है. उन्होंने इस दौरान ओजोन लेयर के निर्माण को लेकर विस्तृत जानकारी दी. साथ ही ओजोन लेयर को हो रहे नुकसान के बारें में बताया.

चर्चा में शामिल आजाद सिपाही के संस्थापक हरि नारायण सिंह ने कहा कि अगर हम पेड़ नहीं लगा पाते तो हमे कम से कम लगे हुए पेड़ों की सुरक्षा करनी चाहिए. अगर किसी वजह से पेड़ों की कटाई हो रही है तो हमें उस पेड़ के बदले में पेड़ लगाना ही चाहिए. इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. पीपल, बरगद और नीम जैसे बड़े पेड़ लगाने से एक बड़े समुदायों को इसका सीधा फायदा मिलता है. वहीं अगर आप बड़े पेड़ नहीं लगा पा रहे है तो अपने घर में अवश्य तुलसी का पौधा लगाएं. क्योंकि तुलसी के पौधे को ऑक्सिजन का अच्छा स्रोत माना जाता है.

हर साल विश्व ओजोन दिवस के मौके पर “पर्यावरण संरक्षण मंच” के अध्यक्ष राकेश भास्कर ओजोन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन करते है. लेकिन कोरोना काल की वजह से बीते साल से इस कार्यक्रम का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया जा रहा है. इस बार भी इस कार्यक्रम का आयोजन वर्चुअली किया गया.