लखनऊ में लोग ले रहे हैं जहरीला धुआं, क्वालिटी इंडेक्स 400 से 500 की रेंज में

लखनऊ: लखनऊ का वायु गुणवत्ता सूचकांक अर्थात एयर क्वालिटी इंडेक्स 400 से 500 की रेंज में बना हुआ है। इन दिनों स्मॉग शब्द भी हवा में जहरीली गैसों की मात्रा बढ़ने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने के साथ-साथ आंखों में जलन की भी शिकायत सामने आ रही है। पर्यावरणविद व विज्ञान संचारक सुशील द्विवेदी ने वार्ता में बदलते मौसम के कारण, उसके कुप्रभाव और समाधान पर महत्वपूर्ण बातें बतायी। उन्होंने कहा कि इन दिनों बढ़ते प्रदूषण के चलते ये परेशानियां होना आम बात है। ऐसा तब होता है जब हवा की गुणवत्ता अर्थात एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक रूप से बढ़ जाता है। अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स 0-50 के बीच है तो इसे अच्छा माना जाता है, 51-100 के बीच में यह संतोषजनक होता है, 101-200 के बीच में औसत, 201-300 के बीच में बुरा, 301-400 के बीच में हो तो बहुत बुरा और अगर यह 401 से 500 के बीच हो तो इसे गंभीर माना जाता है। सुशील द्विवेदी की मानें तो लखनऊ में पिछले पांच दिन से कई जगह पीएम 2.5 अपने उच्चतम स्तर 400 के पार दर्ज किया गया। पीएम 2.5 हवा में तैरने वाले वाले वो महीन कण हैं जिन्हें हम देख नहीं पाते हैं, लेकिन सांस लेने के साथ ये हमारे शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।
गौरतलब है कि संसदीय समिति को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ये जानकारी दी गई कि प्रदूषण के कारण और इससे जुड़े बीमारियों के कारण भारत में होने वाली मौतों में 12.5 फीसदी लोगों की मौत होती है। इसी प्रकार अमेरिका की शिकागो यूनिवर्सिटी के शोध पर अगर विश्वास किया जाये तो उत्तर भारत के लोगों की उम्र प्रदूषण के कारण देश के अन्य साफ़ हवा वाली जगहों में रहने वाले लोगों से 5 से 7 साल कम हो गयी है।  बाहर के प्रदूषण के ज्यादा होने से घर के अन्दर अर्थात इनडोर प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढता हुआ दिख रहा है। एयर कंडीशनर लगे कमरों में बंद हम खुली हवा की महक भूल से गए है। यह बंद-बंद सी हवा हमारे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होती है जो सांस से सम्बंधित रोगों , एलर्जी, सरदर्द, थकान और अन्य बिमारियों को जन्म दे सकती है, इसके अतिरिक्त हमारे रोज़ के रहन सहन में ऐसी चीज़े भी है जो घरों की हवा में विषैले तत्व और गैस धीरे-धीरे छोड़ती रहती है। फार्मेल्डीहाइड, कार्बन डाई-ऑक्साईड, कार्बन मोनो ऑक्साईड, बेंजीन, नाइट्रोजन ऑक्साईड ऐसी विषैली गैसें (Poisonous gases) है, जो सेहत के लिए हानिकारक है। प्लास्टिक और रासायनिक पेंट्स, प्लास्टिक के सामानों, मच्छर कोकरोच मारने वाले स्प्रे, वार्निश, नए कालीन, रासायनिक एयर फ्रेशनेर्स आदि में पाए जाते है जो हमारे घरों को विषैला कर रहे है।