लॉकडाउन का फायदा उठाकर लोग कर रहे जंगल को बर्बाद

चौपारण: कोरोना काल में जहां लोग स्वच्छ हवा के लिए तड़पते दिख रहे थे और उन्हें कीमत चुकाने के बाद भी ऑक्सीजन उपलब्ध नही हो सका जिसके अभाव में हजारों लोगों ने जान गवा दी। उस बहुमूल्य शुद्ध और स्वच्छ हवा मुफ्त में देने वाले जीवनदाता पेड़ों को लोग बेतहाशा काटे जा रहे हैं। अपनी छोटी मानसिकता के कारण निजस्वार्थ हेतु स्वयं के साथ अपने परिवार व आने वाली पीढ़ियों की मुसीबतों को लोग बढ़ाते जा रहे हैं। दुःख तो तब होता है कि लोगों के द्वारा धनसंग्रह करके बचाया गया जंगल भी जिसमें सखुआ और खैर सहित कई बेसकीमती लकड़िया है काटी जा रही है और संबंधित विभाग मूकदर्शक बनी बैठी है। यहीं नही जब लोगों के द्वारा उन्हें सूचित किया जाता है फिर भी ध्यान नही दिया जा रहा है।
इस विभागीय लापरवाही से वन संरक्षण हेतु धनसंग्रह करने वाले आम जनों में काफी रोष व्याप्त है। प्रत्येक दिन सैकड़ों की संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं जिससे कभी हरा भरा दिखने वाला घना जंगल अब वीरान होता जा रहा है। सरकार के द्वारा कोरोना से बचने के लिए लॉक डाउन लगाया गया जिससे लोगों की जान बच सके पर उसी लॉक डाउन का कुछ कमजोर और असमाजिक मानशिकता वाले लोगों ने गलत फायदा उठाते हुवे वन्य सम्पदा का दोहन करने में जुट गए। सरकार जहां एक ओर वृक्षारोपण पर जोर दे रही है जिसके लिये कई सामाजिक संगठनों के द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जीवनदायी वृक्षों की बेतहाशा कटाई कई समस्यों को आमंत्रित करता नजर आ रहा है।