वैज्ञानिकों ने की प्लास्टिक चबाने वाले कीड़े की खोज, रीसाइक्लिंग की दिक्कत हो सकती है दूर

दुनिया में हर साल 30 करोड़ टन प्लास्टिक का उत्पादन होता है जिसके निपटारे को लेकर साइंटिस्ट्स परेशान थे। कई दशक से प्लास्टिक (Plastic) दुनिया भर के लिए कभी न ख़त्म होने वाली गंभीर समस्या है जिसे रिसाइकिल करना भी मुश्किल है। ज्यादातर प्लास्टिक कचरे धरती में मिलकर या फिर समुद्र में जाकर प्रकृति को नुकसान पंहुचा रहे है और प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण बन गए हैं। अगर जल्द ही प्लास्टिक को रीसायकल करने का तरीका नहीं ढूंढा गया तो आने वाली पीढ़ी को इसका भयंकर परिणाम उठाना पद सकता है। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों की एक टीम ने इसका हल ढूंढ निकाला है. वैज्ञानिकों ने एक ऐसे कीड़े की खोज की है, जो प्लास्टिक को खाकर खत्म कर सकता है. ज़ोफोबास मोरियो (Zophobas morio) नाम का यह कीड़ा जिसे आमतौर पर सुपरवर्म (Superworm) कहते हैं, पॉलीस्टाइनिन (polystyrene) के आहार पर जीवित रह सकता है। वैज्ञानिकों का मानना ​​​​है कि ये बीटल लार्वा प्लास्टिक को गट एंजाइम (gut enzyme)के माध्यम से पचाते हैं, जोकि प्लास्टिक की रीसाइक्लिंग में महत्वपूर्ण हो सकता है।

सुपरवर्म पॉलीस्टाइनिन को आसानी से खा और पचा सकता है

सुपरवर्म (Superworm) लार्वा कीड़े की प्रजाति का ही वर्म है. जो की जोफोबास मोरियो पॉलिस्टाइरीन नाम के खास प्लास्टिक को आसानी से पचा लेता है. इसका कारण कीड़े की आंत में मौजूद बैक्टीरिया है। स्टडी के दौरान वैज्ञानिकों सुपरवर्म को सिर्फ पॉलीस्टाइनिन का आहार दिया था और वो कीड़ा उसे आसानी से खा गया और पॉलीस्टाइनिन खाने के बाद न केवल जीवित रहा, बल्कि मामूली वजन भी बढ़ा था।

 पॉलिस्टाइरीन से क्या-क्या बनता है?

पॉलिस्टाइरीन प्लास्टिक से थर्माकोल/स्टायरोफोम, डिस्पोजेबल कटलरी, CD केसेस, लाइसेंस प्लेट के फ्रेम्स, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के पार्ट्स, ऑटोमोबाइल के पार्ट्स आदि बनाए जाते हैं।

पॉलिस्टाइरीन और स्टाइरीन के टुकड़ों को खाकर कर सकता है खत्म

तीन हफ्ते की स्टडी के दौरान वैज्ञानिकों ने इन कीड़ों को तीन अलग-अलग ग्रुप में बांटा और इन्हें अलग प्रकार के प्लास्टिक की डाइट पर तीन हफ्तों के लिए रखा गया. इस दौरान पॉलिस्टाइरीन प्लास्टिक से बनने वाले थर्माकोल (स्टायरोफोम) को खाने वाले कीड़ों का वजन बढ़ते देखा गया. वही इस स्टडी के दौरान देखा गया की ये कीड़ा पॉलिस्टाइरीन और स्टाइरीन के टुकड़ों को खाकर खत्म कर देता है. ये दोनों ही प्लास्टिक खाने-पीने के कंटेनर और कार के पार्ट्स बनाने में इस्तेमाल होते हैं.