किसानो को हर महीने मिलेंगे ३ हजार रूपये, पीएम किसान पेंशन के लिए कैसे करें अप्लाई

देश में किसानो को आर्थिक रूप से मजबूत और सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार कई तरह की योजनाए चला रही है। PM मोदी की नेतृत्व वाली सरकार ने सत्ता में आने के बाद किसानो के लिए कई तरह की कल्याणकारी योजनाए चलायी है। इनमे से ही एक है प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना। यह योजना एक सरकार द्वारा चलाई जा रही एक पेंशन योजना है, जो वृद्धावस्था संरक्षण और छोटे और सीमांत किसानों की सामाजिक सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही है।

क्या है मानधन योजना

 इस स्कीम के दायरे में छोटे और सीमांत किसान आते हैं. वैसे सभी छोटे और सीमांत किसान 2 हेक्टेयर तक की जोत रखते हैं, जिनकी उम्र 18 से 40 साल के बीच है और जिनके नाम 1.08.2019 से भूमि रिकॉर्ड में शामिल है, वे पीएम किसान मानधन योजना के अंतर्गत पेंशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इस योजना के तहत 18 से 40 वर्ष की आयु के किसान अपना पंजीकरण करा सकते हैं. उन्हें हर महीने 55 रुपये से 200 रुपये सरकारी खाते में उनकी उम्र के हिसाब से जमा करने होंगे। इन किस्तों का भुगतान 60 साल की उम्र तक करना होगा. जैसे ही आपकी उम्र 60 साल हो जाएगी. यह अपने आप बंद हो जाएगा. इसके बाद इस योजना के तहत पंजीकृत किसानों को सरकार द्वारा हर महीने 3000 रुपये बतौर पेंशन दिए जाएंगे।

मानधन योजना के लिए क्या हैं शर्तें?

जो लोग इस योजना के लिए अप्लाई करना चाहते हैं वह इन शर्तों का खास ख्याल रखें. आपको बता दें मानधन योजना के लिए जो लोग अप्लाई करना चाहते हैं उनकी उम्र 60 साल से ऊपर होनी चाहिए. इसके साथ उनका नाम पीएम किसान सम्मान निधि योजना के साथ लिंक होना चाहिए. इस योजना का फायदा उठाने के लिए थोड़ा निवेश करना अनिवार्य होगा। अगर किसान की मृत्यु हो जाए, तो उसकी पत्नी (पति भी अगर महिला किसान हो) को पेंशन का 50 फीसद पैसा फैमिली पेंशन के रूप में दिया जाता है. इस योजना के तहत किसान की पत्नी या महिला किसान हो तो उसके पति को ही फैमिली पेंशन दिए जाने का नियम है।

कैसे करें योजना के लिए रजिस्टर

पास के कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाएं।

नामांकन प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक,चेक या बैंक स्टेटमेंट साथ लेकर आएं।

आधार कार्ड और खसरा-खतौनी की कॉपी जमा करें

2 फोटो और बैंक पासबुक की भी आवश्यकता होगी

योजना में नामांकन करते समय जो पैसा ग्राम स्तरीय उद्यमी (वीएलई) को दिया जाएगा।

वीएलई आधार संख्या, लाभार्थी का नाम और जन्म तिथि को वेरिफिकेशन करेगा।

वीएलई बैंक खाता विवरण, मोबाइल नंबर, ईमेल और अन्य पारिवारिक जानकारियां भरकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को पूरा करेगा।

ऑटोमैटिक सिस्टम लाभार्थी की आयु के अनुसार इस बात की काउंटिंग करेगा कि कितनी मासिक पेंशन बनती है।

एक यूनीक किसान पेंशन खाता संख्या (KPAN) जनरेट होगी और किसान कार्ड प्रिंट हो जाएगा।