पीएम मोदी का चीन को संदेश, अच्‍छाई की ताकत है क्‍वाड, हिंद प्रशांत क्षेत्र को बना रहा बेहतर

जापान की राजधानी टोक्‍यो में आयोजित क्‍वाड देशों की शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन को सख्‍त संदेश दिया। उन्होंने कहा है की क्‍वाड अच्‍छाई की ताकत के लिए बनाया गया संगठन है और यह हिंद प्रशांत क्षेत्र को बेहतर बना रहा है।  इस शिखर सम्‍मेलन के शुरू होने पर चीन भड़क गया था और उसने कहा था कि क्‍वाड का फेल होना तय है। लेकिन चीन की अपेक्षाओं के विपरीत  कम समय में क्‍वाड ने दुनिया में अपनी महत्‍वपूर्ण जगह बना ली है। कवाड लोकतांत्रिक देशों के बीच आपसी विश्‍वास लोकतांत्रिक देशों को नई ऊर्जा देगा।

क्या कहा PM मोदी ने

पीएम मोदी ने कहा कि क्‍वाड ने विश्व पटल पर एक महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है और इसका दायरा व्यापक हो गया है। हमारा आपसी विश्‍वास और प्रतिद्धता लोकतांत्रिक शक्तियों को नई ऊर्जा और उत्‍साह दे रहा है। हमारे आपसी सहयोग से एक मुक्‍त, खुला और समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र को प्रोत्‍साहन मिल रहा है जो हमारा साझा उद्देश्‍य है। कोरोना की विपरीत स्थिति के बाद भी हमने कोरोना वैक्‍सीन, जलवायु परिवर्तन सप्‍लाइ चेन और आर्थिक सहयोग जैसे कई क्षेत्रों में समन्‍वय बढ़ाया है। इससे हिंद प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक महामारी कोविड-19  (COVID-19) की चुनौतियों के बावजूद क्वाड का दायरा व्यापक होने पर कहा कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान सहित सदस्य देशों का आपसी विश्वास और दृढ़ संकल्प लोकतांत्रिक शक्तियों को नई ऊर्जा और उत्साह दे रहा है।

बौखला रहा है चीन

हाल के दिनों में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया देशों के साथ भारत के रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं. सभी देश आपस में कारोबार करने पर सहमत हैं.इस क्षेत्र में चीन के दबदबे को क्वॉड से सीधी चुनौती मिल रही है. चीन इससे बौखलाया हुआ है. क्वॉड के गठन के बाद से ये चारों देश लगातार ऐसे समझौते कर रहे हैं, जिससे इस क्षेत्र में चीन की पकड़ को ढीली की जा सके।

जहा चीन कवाड को अपने खिलाफ एक साजिश बता रहा है वही प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने  इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मुक्त व्यापार की तरफ इशारा किया है. यानी इस इलाके में सभी देशों को व्यापार करने की खुली छूट होगी. चीन के लिए ये सख्त संदेश माना जा रहा है. उन्होंने कहा कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में क्वॉड कंस्ट्रक्टिव (रचनात्मक) एजेंडे के साथ आगे बढ़ रहा है. इससे क्वॉड की छवि एक फोर्स फॉर गुड (Force For Good) के रूप में और भी सुदृढ़ होती जायेगी.