World Lion Day पर पीएम मोदी ने कही ये बड़ी बातें, जानें शेरों से जुड़े रोचक तथ्य

जहां एक तरफ दुनिया भर में शेरों की घटती संख्या को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है, तो वहीं दूसरी तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया है कि पिछले कुछ सालों में भारत में शेरों की आबादी में इजाफा देखने को मिल रहा है. गुजरात सरकार के वन विभाग के मुताबिक भी राज्य में गिर के जंगलों और सौराष्ट्र के अन्य कुछ हिस्सों में पाए जाने वाले एशियाई शेरों की संख्या में वृद्धि दर्ज़ की गई है. आज 10 अगस्त को पूरे  विश्व भर में शेर दिवस मनाया जाता है. World Lion Day यानी विश्व शेर दिवस को मनाने के पीछे का उद्देश्य लोगों को शेरों के प्रति जागरूक करना है और उनकी घटती हुई संख्या को रोकने का संदेश देना है.

What is World Lion Day and how countries are celebrating it | The Vegan Review

हालांकि बीते कुछ वर्षों से शेरों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है जो कि काफी प्रसन्नता की बात है. इसकी जानकारी खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट करके दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि ‘शेर राजसी और साहसी होते हैं। भारत को एशियाई शेरों का घर होने पर गर्व है। विश्व शेर दिवस पर मैं उन सभी को बधाई देता हूं जो इसके संरक्षण को लेकर गंभीर हैं। आपको यह जानकर और खुशी होगी कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की शेरों की आबादी में लगातार वृद्धि हुई है.

पीएम मोदी के अलवा इस मौके पर केन्द्रीय वन, पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने भी  ट्वीट करते हुए शेरों की संख्या में वृद्धि की जानकारी दी है. परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने ट्वीट करते हुए कहा है कि आज के दिन गुजरात में इनके संरक्षण की सफल की कहानी सभी को बताई जानी चाहिए. पिछले कुछ सालों में गुजरात के 30,000 वर्ग किलोमीटर में 674  एशियाई शेर निवास करने लगे हैं. पिछले पांच सालों में शेरों की संख्या में 29  फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

आपको बता दें कि वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार साल 2015 में की गई गणना के दौरान गुजरात में 523 एशियाई शेर थे. पांच साल में यहां 151 शेर बढ़े हैं और अब इनकी संख्या 674 हो गई है.

अब आपको यहां शेरों से जूड़ी कुछ रोचक बातें भी बता देंते है…

-एक शेर का वजन 115-200 किलो तक होता है

– आप शेर की दहाड़ आठ किलोमीटर की दूरी से भी सुन सकते हैं

-एक शेर की उम्र लगभग 16 से 20 साल की होती है

– शेर अधिकतर रात और सुबह के समय में शिकार करता है. 90 प्रतिशत से ज्यादा शिकार शेर नहीं बल्कि शेरनिया करती हैं. शेर 2-4 दिन में शिकार करता है, मगर यह एक सप्ताह तक भी बिना शिकार के रह सकता है

-लगभग दो हजार साल पहले पृथ्वी पर 10 लाख से ज्यादा शेर पाए जाते थे

Reports of lion sighting on R36/Ohrigstad road - Lowvelder

गौरतलब है कि जंगल कटने के साथ ही वन्यजीव भी विलुप्त होते जा रहे हैं. ऐसे में विश्व शेर दिवस को मनाने की शुरुआत साल 2013 में की गई, ताकि शेरों की दुर्दशा और इन मुद्दों के बारे में लोगों को जागरूक किया जा सके और जो लोग जंगली शेरों के पास रहते हैं, उन्हें शिक्षित किया जा सके.साल 2013 से लेकर अब तक हर साल इस दिन को 10 अगस्त के दिन मनाया जाता है.