मोदी कैबिनेट का बड़ा फैसला, पीएम-श्री योजना को मिली मंजूरी, देश भर के 14 हजार स्कूल होंगे अपग्रेड

केंद्रीय कैबिनेट ने आज एहम फैसला लिया है, कैबिनेट ने  प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (PM-SHRI) योजना को मंजूरी दे दी है। पीएम मोदी ने शिक्षक दिवस के अवसर पर “पीएम श्री” योजना की घोषणा की थी, जिसके तहत देशभर के 14,500 स्कूलों का कायाकल्प  और विकास किया जाएगा। इसी के साथ देशभर में कुछ नए स्कूल बनाए जाएंगे। इस योजना के तहत केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों सहित 14,000 से ज्यादा स्कूलों को पीएम-श्री स्कूलों के रूप में उभरने के लिए मजबूत किया जाएगा। इस योजना में 27 हजार 360 करोड़ की लागत आएगी।

क्या है पीएम SHRI योजना?

बता दें कि शिक्षा दिवस के मौके पर नरेन्द्र मोदी ने पीएम श्री योजना का एलान किया था। इस योजना के तहत 14,500 स्कूलों को अपग्रेड और विकसित करने का एलान किया गया है। पीएम ने कहा था कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति की पूरी भावना को समाहित करते हुए पीएम-श्री स्कूल मॉडल स्कूल बनेंगे। इसमें केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालयों को शामिल किया जाएगा। पीएम ने कहा था कि पीएम-श्री स्कूलों में नवीनतम तकनीक, स्मार्ट कक्षाओं, खेल और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा। इस योजना के  तहत हर ब्लॉक में दो स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा. स्कूलों का चयन राज्य सरकारों से बातचीत करने के बाद किया जाएगा।  इस योजना का मूल उद्देश्य है कि स्कूलों में गुणात्मक वृद्धि हो. साथ ही बच्चे 12वीं पास करते-करते दुनिया के अंदर कॉम्पोटेटिव तरीके से तैयार हो जाएं यही इसका मकसद है.

देश भर के लाखों छात्रों को मिलेगा लाभ

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) ने हाल के वर्षों में शिक्षा क्षेत्र को बदल दिया है। PM मोदी की इस स्कीम से देश के विद्यार्थियों को काफी लाभ मिलेगा। इस स्कीम के तहत स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन में मदद करेंगे और अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्टता के अनुकरणीय विद्यालयों के रूप में उभरेंगे।

अपग्रेड होंगे स्कूल

पीएम-श्री स्कूलों में शिक्षा प्रदान करने में एक आधुनिक, परिवर्तन लाने वाला और समग्र तरीका होगा तथा इनमें खोज उन्मुख और सीखने को केंद्र में रखकर शिक्षा प्रदान करने के तरीके पर जोर रहेगा। इन स्कूलों में अपनायी जाने वाली शिक्षा व्यवस्था अधिक प्रायोगिक, समग्र, एकीकृत, वास्तविक जीवन की स्थितियों पर आधारित, जिज्ञासा एवं शिक्षार्थी केंद्रित होगी। इनमें स्मार्ट कक्षा, पुस्तकालय, कौशल प्रयोगशाला, खेल का मैदान, कंप्यूटर प्रयोगशाला, विज्ञान प्रयोगशाला आदि सभी सुविधाएं होंगी। ये ग्रामीण और शहरी दोनों ही जगह स्थापित किए जाएंगे। इन स्कूलों के के लिए पोर्टल बनाया जाएगा। जिसमें राज्य व स्कूल भी मॉडल स्कूल विकसित किए जाने को लेकर आवेदन कर सकेंगे।