करोड़ों खर्च के बाद भी ठण्ड की शुरुवात में ही बढ़ रहा है दिल्ली का प्रदुषण

ठण्ड शुरू होने के साथ साथ दिल्ली में प्रदुषण भी बढ़ाने लगा है नाकि प्रदुषण बढने लगा है बल्कि  पिछले कुछ दिनों से से कई जगहों पर प्रदुषण खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है. ये हालात तब है जब सरकार ने लाखों पेड़ लाये है, दिल्ली में हजारों गाड़ियों के प्रवेश में कमी आई गई है और पराली को जलाने से रोकने के लिए सरकार करोड़ों रूपये खर्च कर चुकी है.

दिल्ली विधानसभा में एक सवाल पर दिल्ली सरकार ने जवाब देते हुए बताया है कि दिल्ली वन विभाग ने 20 ग्रीन एजेंसियों के साथ मिलकर 2015 से लगातार दिल्ली में पौधे लगा रहा है. सरकार का टारगेट हर साल 10 लाख से ज़्यादा पौधे लगाने का है. दिल्ली में बीते 5 साल में कितने पौधे लगाये गये हैं (text)  2015-2016 में 16.51 लाख पौधे, 2016-2017 में 24.75 लाख, 2017-2018 में 19.62 लाख, 2018-2019 में 28.95 लाख और 2019-2020  में (30.10.2019) तक 24.44 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं.

इसके साथ ही साथ 136 किमी लम्बा ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे चालू हो चुका है. एक्सप्रेसवे पलवल से लेकर कुंडली (सोनीपत) तक बनाया गया है. इसका निर्माण नेशनल हाइवे ऑथरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने किया है. इस एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद करीब 20 हजार ट्रक और 40 हजार कारों का लोड दिल्ली से कम हो गया है.

वहीँ अब किसानों ने परालियों का जलाना भी शुरू कर दिया है.. जोकि दिल्ली में बढ़ते प्रदुषण का एक मुख्य कारण माना जाता रहा है. लेकिन केन्द्र सरकार ने पराली को भी काटने के लिए किसानों को रियायत दर पर मशीन देनी शुरू की है. साल 2018-19 में मशीनों के लिए 584.33 करोड़ रुपये दिए. वहीं 2019-20 में 594.14 करोड़ और 2020-21 में 548.20 करोड़ रुपये दिए गए हैं. इसके बावजूद भी दिल्ली वालों के लिए इस बार प्रदुषण डरावने आकड़े तक पहुँच रहा है. आपको बता दें कि इस बार दिल्ली में प्रदुषण को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार और DPCC भी पहले ही तैयारी में जुट गया है लेकिन प्रदुषण अभी से ही खतरनाक सत्र तक पहुँच रहा है जो एक चिंता का विषय है.