इच्छामृत्यु को मंजूरी देने वाला पुर्तगाल बना दुनिया का सातवाँ देश, भारत में भी उठ चुकी हैं मांग

पुर्तगाल में इच्छामृत्यु को कानूनी मान्यता देने वाले बिल को संसद से पास कर दिया गया है. अब यह बिल मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। उनके दस्तखत करने के बाद यह कानून बन जाएगा। इसके बाद पुर्तगाल इच्छामृत्यु को वैध करने वाला यूरोप का चौथा और दुनिया का 7वां देश बन जाएगा।

इस बिल को मंजूरी मिलने के बाद इसका विरोध भी शुरू हो गया है.. इच्छामृत्यु के विरोध में काम वाली संस्था स्टॉप यूथेनेशिया मूवमेंट की तरफ से कहा गया है  कि ऐसे समय में जब हजारों लोग और इंस्टीट्यूट हर रोज बीमार और कमजोर लोगों की देखभाल कर उनका जीवन बचाने के लिए सब कुछ दे रहे हैं, इच्छामृत्यु को मंजूरी देना उनका अपमान होगा।

इच्छामृत्यु के लिए जरूरी शर्तें

इच्छामृत्यु चाहने वाले शख्स की उम्र 18 साल से ज्यादा होनी चाहिए।

व्यक्ति को गंभीर चोट लगी हो या उसे लाइलाज बीमारी हो

व्यक्ति असहनीय पीड़ा से गुजर रहा हो और वो पूरी तरह  होश में हो. तब डॉक्टरों की सलाह पर उसे इच्छा मृत्यु दी जा सकती है…

डॉक्टर और नर्स इच्छामृत्यु देने से इनकार कर सकते हैं.

राष्ट्रपति से इच्छामृत्यु की इजाजत मांगी जा सकती है, जिसे राष्ट्रपति वीटो का इस्तेमाल कर मामले को कोर्ट भेज सकते हैं या खारिज कर सकते हैं.

भारत में भी इच्छामृत्यु की मांग उठती रही है, सुप्रीम कोर्ट ने 42 साल तक कोमा में रहीं नर्स अरुणा शानबाग के मामले की सुनवाई करते हुए सीधे तौर पर इच्छामृत्यु देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि हर व्यक्ति को गरिमा के साथ मरने का अधिकार है।
नीदरलैंड्स, बेल्जियम, कोलंबिया, लग्जमबर्ग, ​पश्चिम ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में एक्टिव यूथेनेशिया को कानूनी मान्यता मिली हुई है।