किस बात पर 40 सेंकड तक मेज थपथपाते नजर आये सांसद!

बजट सत्र से पहले राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में सांसदों को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने सरकार की तमाम उपलब्धियों के बारे में बताया. इसी के साथ राष्ट्रपति ने CAA यानि नागरिकता संसोधन कानून का भी जिक्र किया. नागरिकता कानून को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस तरह से महात्मा गांधी के सपनों को पूरा किया है. उन्होंने कहा, ‘माननीय सदस्यगण भारत ने हमेशा सर्वपंथ विचारधारा में यकीन किया है. लेकिन भारत विभाजन के समय भारतवासियों और उनके विश्वास पर प्रहार किया गया. विभाजन के बाद बने माहौल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान के हिंदू और सिख, जो वहां नहीं रहना चाहते, वो भारत आ सकते हैं.’

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राष्ट्रपति के इतना बोलते ही सेन्ट्रल हॉल में मौजूद लोग मेज थपथपाने लगे. प्रधानमंत्री मोदी भी मेज थपथापते मतलब ख़ुशी जाहिर करते नजर आये. इतना ही तकरीबन 15-20 सेकेंड तक ऐसा ही चलता रहा. फिर राष्ट्रपति ने अपना अभिभाषण शुरू किया. तालियां बजती रही.

इसके बाद राष्ट्रपति ने कहा कि ‘इन लोगों को सामान्य जीवन मुहैया कराना भारत सरकार का कर्तव्य है. पूज्य बापू के इस विचार का समर्थन करते हुए समय-समय पर अनेक राष्ट्रीय नेताओं और राजनीतिक दलों ने इसे आगे बढ़ाया. हमारे राष्ट्र निर्माताओं के उस इच्छा का सम्मान करना हमारा दायित्व है. मुझे प्रसन्नता है कि संसद के दोनों सदनों द्वारा नागरिकता कानून बनकर महापुरुषों की इच्छा को सम्मान दिया गया. इसके बाद काफी समय तक सेन्ट्रल हाल में मेज क्ले थपथपाने की आवाज आती रही. राष्ट्रपति अपना भाषण दे ही रहे थे कि विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी. राष्ट्रपति ने कहा कि विशेषकर ऐसे समय में जब देश में महात्मा गांधी की जयंती का पर्व मना रहा हो.. इसी बीच पीछे से कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के नेता ने विरोध करना शुरू कर दिया. वो नागरिकता कानून के खिलाफ नारेबाजी करने लगे.

हालाँकि राष्ट्रपति बोलते रहे. इसके बाद विरोध के नारे और तेज हो गये इसके बाद राष्ट्रपति कुछ सेकंड के लिए रुके और फिर उन्होंने अपने भाषण को आगे बढाया. उन्होंने कहा कि विशेषकर जब देश में महात्मा गांधी की जयंती का पर्व मनाया जा रहा हो उसी समय समय में सांसदों द्वारा इसे पास करवाना बेहद खास है. मैं संसद के दोनों सदनों का और सभी सांसदों का अभिनंदन करता हूं. इस दौरान विपक्षी दलों के सांसद लगातार हंगामा करते रहे.
इससे मलतब साफ़ है कि विपक्ष जब राष्ट्रपति के अभिभाषण में नारेबाजी कर सकता है तो आने वाले बजट सत्र में विपक्ष शांत बैठने वाला नही है,