भारत सरकार एवं भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद देहरादून के निर्देश पर आयोजित हुआ कार्यक्रम

माननीय प्रधानमंत्री के आह्वान, भारत सरकार एवं भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद देहरादून के निर्देश के आलोक में संस्थान के निदेशक डा. नितिन कुलकर्णी की अगुवाई एवं समूह समन्वयक अनुसंधान डा. योगेश्वर मिश्रा के मार्गदर्शन में दिनांक 15.06.2021 को Carbon Storage and Sequestration Potentiality of Natural Forest in Jharkhand State विषय पर आभासीय मंच के द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे आमंत्रित वक्ता श्री अमरेश बिहारी झा, CEO Shradha Agriculture Research & Development Patna, Bihar ने Carbon Storage and Sequestration Potentiality of Natural Forest in Jharkhand State विषय पर अपना व्याख्यान दिया।

श्री अमरेश बिहारी झा ने भारतीय वानिकी द्वारा कार्बन शोधन एवं आक्सीजन उत्सर्जन का एक data base अध्ययन प्रस्तुत किया तथा झारखंड के वनों में कार्बन शोषित करने वाले वृक्ष प्रजातियों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किया। उन्होने स्पष्ट किया की वन-वर्धिन गतिविधि वाले क्षेत्रों में कार्बन का भंडारन अधिक होता है। डा. नितिन कुलकर्णी ने अपने स्वागत प्रस्तुति में अमृत महोत्सव के महत्व को बताते हुए माननीय प्रधानमंत्री द्वारा आहूत इस कार्यक्रम के माध्यम से आजादी की महत्ता तथा इसके फलस्वरुप हो रहे सतत विकास से आम जन को जागरुक करने का एक माध्यम बताया।

डा. योगेश्वर मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। श्रीमती रुबी सुसाना कुजूर ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्थान के डा. एस. एन. मिश्रा, श्री एस. एन. वैद्य,श्री निसार आलम, श्री बी.डी. पंडित, श्री सूरज कुमार एव श्री बसंत कुमार का विशेष योगदान रहा।