पंजाब: ‘रेल रोको’ आंदोलन के चलते अटका गरीबों का निवाला!बिजलीघर भी बंद होने के कगार पर

पंजाब में किसानों के रेल रोको आंदोलन का असर दिन पर दिन गहराता जा रहा है. इससे राज्य में और राज्य से होकर जाने वाली जरूरी वस्तुओं और बिजली संयंत्रों को ईंधन की आपूर्ति में बाधा हो रही है. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक़, राज्य में 200 से अधिक लदी हुई मालगाड़ियां फंसी हुई हैं.वहीं कोयले की कमी की वजह से कई बिजली संयंत्र बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं

Rail stop movement of farmers canceled all trains going to Punjab today,  announcement of jamming of tracks indefinitely from 1st October | किसानों  का रेल रोको आंदोलन आज पंजाब आने-जाने वाली सभी

अधिकारियों ने बताया कि 200 मालगाड़ियों में से 79 में कोयला, 22 में उर्वरक, तीन में सीमेंट, दो में पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंटस और 88 में लोहा, इस्पात, कई मालगाड़ियों में अनाज और अन्य उत्पाद लदे हुए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब राज्य बिजली निगम लिमिटेड ने कुछ बिजली संयंत्रों के बंद होने की संभावना जाहिर की है क्योंकि उनके पास कोयले का भंडार कम हो रहा है. वही

भारतीय खाद्य निगम(FCI) की ओर से राज्य से अन्य राज्यों को भेजे जाने वाले गेहूं और चावल की मालगाड़ी भी बंद पड़ी है. इस अनाज की कीमत 125 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है. 15 दिनों से अनाज से भरी हुई मालगाड़ियां रुकने से बड़ी मात्रा में अनाज खराब होने का खतरा है. इसके साथ ही ये अनाज विभिन्न राज्यों तक पहुंचने के कारण गरीब जरूरतमंद परिवार अनाज से वंचित रह सकते हैं. यही नहीं करोड़ों का यह अनाज चोरी होने का भय भी बना हुआ है.

Rail roko' agitation over farm bills continues in Punjab, protest extended  till Oct 2 - India News

यहाँ आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एफसीआई की ओर से अनाज एक राज्य से दूसरे राज्यों तक मालगाड़ियों के जरिये भेजा जाता है. एफसीआइ के एग्जिक्यूटिव स्टाफ यूनियन के राष्ट्रीय प्रधान एसएस चट्ठा ने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह पंजाब सरकार से तालमेल कर समस्या का हल करें. नहीं तो मालगाड़ियों में पड़ा करोड़ों रुपये का अनाज बर्बाद होकर रह जाएगा.

ग़ौरतलब है कि पंजाब में किसान संगठन संसद से हाल में पारित तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं. इसके लिए उन्होंने कई दिन से रेल रोको आंदोलन छेड़ा है. किसानों के इस विरोध प्रदर्शन के कारण 24 सितंबर से पंजाब और जम्मूकश्मीर के लिए सभी यात्री ट्रेनें रद्द हैं. जबकि 1 अक्टूबर से इसका गहरा प्रभाव मालगाड़ियों पर भी पड़ा है.