बिजली बचाने के लिए भारतीय रेल ने की अनूठी पहल, ट्रेन जाते ही ऑटोमेटिक बंद हो जाएंगी लाइट्स

Indian Railway ने बिजली की बचत के लिए आधुनिक तकनीक की मदद से एक अनूठी पहल शुरू की है.इसके तहत अब रेलवे प्लेटफॉर्म पर ट्रेन के आने पर 100 फीसदी लाइट्स जलेंगी और जाने पर 50 फीसदी लाइट्स ऑटोमेटिक बंद हो जाएंगी. इससे ऊर्जा की खपत कम होगी और बचत ज्यादा होगी. ये व्यवस्था पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर, भोपाल और नरसिंहपुर स्टेशन पर शुरू की गई है. इस बात की जानकारी खुद रेलवे मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए दी है.

रेल मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि ”ऊर्जा संरक्षण में भारतीय रेल की अनूठी पहल: ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर आने पर जलेंगी 100% लाइट्स, और जाने पर 50% लाइट्स स्वतः बंद हो जाएंगी.इसके साथ ही मंत्रालय ने लिखा-ऊर्जा की होगी बचत, कम होगी खपत. पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर, भोपाल और नरसिंहपुर स्टेशन पर यह व्यवस्था शुरू की गई है.”

Value Of Railway Platform Ticket Can Increase In Navratri ...

यहां आपको ये भी बता दें कि भारतीय रेलवे ने बैटरी से चलने वाले इंजन को तैयार किया है और इसका सफल परीक्षण भी किया है. तो अब हम ये कह सकते है कि जल्द ही अब पटरियों पर बैटरी से चलने वाली ट्रेनें दौड़ती हुई नजर आ सकती हैं.

भारतीय रेलवे के अनुसार, इस इंजन का निर्माण बिजली और डीजल की खपत को बचाने के लिए किया गया है. इसके साथ ही इंडियन रेलवे ने बताया कि पश्चिम मध्य रेल के जबलपुर मंडल में बैटरी से चलने वाले ड्यूल मोड शंटिंग लोको ‘नवदूत’ का निर्माण किया गया है, जिसका परीक्षण सफल रहा है. बैटरी से ऑपरेट होने वाला यह लोको, डीजल की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी एक बड़ा कदम होगा.

यहां आपको ये भी बता दे कि रेलवे ने साल 2018 में ​डेडिकेटेड पोर्टल लॉन्च किया था, जिसके माध्यम से सभी ज़ोन के कर्मचारी रेलवे को लेकर बेस्ट आइडिया साझा कर सकें और फिर इसे लागू करने पर विचार किया जाए. इसके तहत ही अब रेलवे बोर्ड ने अपने कर्मचारियों द्वारा दिए गए 20 इनोवेशन आइडिया को अपनाएगा है ताकि ट्रेन यात्रा को पहले से ज्यादा सुर​क्षित और अरामदायक बनाया जा सके. इसमें ट्रेन चलने से 2 मिनट पहले वॉर्निंग बेल, कोच के भीतर रियल-टाइम CCTV मॉनिटरिंग, मोबाइल ऐप के माध्यम से गैर-आरक्षित​ टिकटों की प्रिंटिंग जैसे कुछ अहम कदम शामिल हैं.

जान ले कि रेलवे इन दिनों अपनी लागत कम करने के लिए नए-नए आइडिया पर काम कर रही है. इससे ना सिर्फ रेलवे को फायदा पहुंचेगा बल्कि सुरक्षित यात्रा और पर्यावरण के लिहाजें से भी ये अच्छा साबित होगा.