जुगाड़ टेक्नोलॉजी के सहारे रांची नगर निगम मॉनसून में हादसे को रोकने की कर रहा तैयारी

झारखण्ड में इस साल मानसून 15 या फिर 16 जून से आने की संभावना है। बारिश में सड़को पर जगह जगह गंदे पानी का बहना और जगह जगह पर जलजमाव की समस्या आम बात है। जल भराव की वजह से कई हादसे और दुर्घटनाये की आशंकाए बनी रहती है। रांची के कई नालों व नदियों को पार करने के लिए अब भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गयी है। इसी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए नगर निगम जुगाड़ टेक्नोलॉजी से निगम हादसों पर रोक लगाने की तैयारी में है।  सभी सुपरवाइजर व जोनल सुपरवाइजर को बांस-बल्ली, लोहे का एंगल व रेड रिबन दिया जायेगा। नगर निगम ने लोहराकोचा, पंचशील नगर, हिंदपीढ़ी, हरमू हाउसिंग कॉलोनी के बड़े व खुले नालों में लोहे का पाइप लगाने का बोला है। इसके साथ ही नगर निगम नेउक्त पुल पर लोहे का पाइप लगा दिया है, ताकि बरसात के दिनों में कोई हादसा न हो। नगर निगम ने यह फैसला साल २०२० में हुए हादसे को लेकर किया है। साल २०२० में कोकर के खोरहा टोली स्थित पुलिया को पार करने के दौरान हजारीबाग का युवक उमेश राणा पानी की तेज धार में बह गया था. पुल को ऊंचा बनाने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार के पास भेजा गया. इसके लिए 1.25 करोड़ रुपये की मांगी गयी. लेकिन, सरकार से राशि नहीं मिली थी। 

24 घंटे काम करेगा कंट्रोल रूम :

मानसून में होने वाले हादसे को लेकर सरकार ने कण्ट्रोल रूम भी बनाया है। मॉनसून के दौरान नगर निगम का कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेगा। 06512200011 या 9431104429 हेल्पलाइन नंबर पर लोग जलजमाव से संबंधित शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिकायत दर्ज होने के बाद तत्काल निगम की टीम संबंधित मोहल्ले में जाकर समस्या का समाधान करेगी।

120 से अधिक स्पॉट चिह्नित किये गये

शहर के 120 से अधिक ऐसे मोहल्लों को चिह्नित किया है, जहां बरसात में जलजमाव होता है। यह इलाके नीचे है जिस कारन से यहाँ पर जलभराव की समस्या होती है।  ऐसे मोहल्लों से पानी निकालने के लिए निगम ने सभी चार जोन के जोनल सुपरवाइजर को पांच एचपी का मोटर दिया है. इसके अलावा जाम नालों को साफ करने के लिए सभी जोन के लिए दो-दो जेसीबी उपलब्ध कराया गया है।