चीनी लड़के शादी के लिए परेशान! जानिये क्या है इसके पीछे की वजह

चीन के युवा शादी के लिए परेशान है लेकिन किस्मत कहें या सरकारी नाकामी का नतीजा.. शादी हो ही नही पा रही! जानते है क्यों? क्योंकि चीन में लड़के और लड़कियों का अनुपात इतना बिगड़ चुका है कि शादी के लिए लड़कियां मिलना ही मुश्किल हो चुका है.

दरअसल दुसरे विश्व युद्ध के बाद चीन की आबादी में जोरदार उछाल आया.. आबादी इतनी बढ़ गयी कि सरकार परेशान हो गयी. अर्थव्यवस्था बिगड़ने लगी. इसके बाद 70 के दशक में चाइल्ड पॉलिसी लाइ गयी. जिसके मुताबिक़ एक बच्चे से अधिक पैदा होने पर सरकारी सुविधाओं का लाभ नही मिलेगा. सरकारी नौकरी नही मिलेगी.. जैसे कई प्रतिबन्ध लगा दिए गये है… इसका जो असर हुआ वो आज चीन के युवाओं को भुगतना पड़ रहा है.

हुआ ये कि चीन जो पुराने सोच वाले लोग है उन्होंने बच्चियों की जगह बच्चों को पैदा करने में ज्यादा रूचि दिखाई.. यही वजह से कि बच्ची पैदा होने पर या तो उसे गर्भ में ही मार दिया गया या फिर पैदा होने के बाद उसे इधार उधर छोड़ दिया गया और ये बच्चियां मानव तस्करी का शिकार हो गयी.

माना जाता है कि वहां बीते तीन दशकों में वन चाइल्ड पॉलिसी के कारण 37 मिलियन चीनी बच्चियों को या तो गर्भ में ही मार दिया गया, या फिर उन्हें छोड़ दिया गया..

वन चाइल्ड पालिसी में साल 2016 में कुछ छूट दी गयी लेकिन तब बच्चों और बच्चियों के अनुपात में बड़ी असामनता आ चुकी थी. फिलहाल चीन में लैंगिक असमानता इतनी ज्यादा है कि 118 लड़कों पर 100 लड़कियां हैं. इसी वजह से लड़के शादी की इच्छा होते हुए भी अविवाहित रह रहे हैं.

यूनिसेफ (UNICEF) की एक रिपोर्ट बताती है कि चीन में 5 साल से कम उम्र के लगभग 290 मिलियन बच्चों का जन्म प्रमाणपत्र नहीं है. यानी ये बच्चे चीन में किसी भी तरह की सरकारी सुविधा नहीं ले पाते, जब तक कि बर्थ सर्टिफिकेट न हो. इसके अलावा 13 मिलियन लोग ऐसे हैं, जिनका जन्म एक बच्चे के बाद हुआ. ऐसे लोगों को भी सुविधाएं नहीं मिल पातीं, जैसे घर का रजिस्ट्रेशन करा पाना या सरकारी नौकरी.

एक अनुमान के मुताबिक साल 2030 तक चीन में 4 में से चीनी पुरुष शादी कर सकेगा, जबकि बाकी 3 चाहने के बाद भी अविवाहित रह जाएंगे मतलब 30 उम्र से अधिक 25 % युवा चाहने के बाद ही शादी नही कर पायेंगे क्योंकि शादी के लड़कियां की नही होंगी

अब इसका असर ये हुआ है कि चीन में मानव तस्करी बढ़ गयी है… दुसरे देशों से लड़कियों को बड़े बड़े सपने दिखाकर उन्हें चीन लाया जाता है वहां उन्हें सेक्स स्लेव यानि कि उनसे यौन गुलामी करवाई जाती है. कंबोडिया और पाकिस्तान की माइनोरिटी लड़कियों की तस्करी की ख़बरें सामने आती रहती है.

अगर बात भारत की करें तो भारत में 1000 पुरुषों पर सिर्फ 943 महिलाएं हैं. भारत में हमेशा ही महिलाओं की संख्या पुरुषों की तुलना में कम रही है लेकिन अब इसमें सुधार की उम्मीद है. सबसे खराब अनुपात वाला राज्य हरियाणा और सबसे ठीक अनुपात वाला राज्य केरल है.

अगर अनुपात बिगड़ता है तो स्थिति क्या होती है इसका एक नमूना आपने चीन की इस खबर से समझे होंगे!