जो काम देश की कई सरकारें नही कर पाई, वो काम “लॉकडाउन” ने कर दिखाया

देश में पिछले कुछ सालों से प्रदुषण अपने उच्च सत्र पर जाता रहा है. चाहे ध्वनि प्रदुषण हो, वायु प्रदुषण हो या फिर जल प्रदुषण हो.. प्रदुषण को रोकने के लिए सभी राज्यों की सरकारें, संस्थाएं और मंत्रालय प्रदुषण को रोकने के लिए बड़ी बड़ी बातें करते थे लेकिन प्रदुषण पर रोकथाम नही हो पा रहा था. हालाँकि लॉकडाउन के बीच प्रदुषण से जुडी एक अच्छी खबर सामने आई है.

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 मार्च से 21 दिनों के लॉकडाउन के बाद से गंगा के पानी में 40-50 प्रतिशत का सुधार हुआ है . समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर डॉ पीके मिश्रा ने कहा, ‘गंगा में अधिकतर प्रदूषण कंपनियों की वजह से होता है और लॉकडाउन की वजह से उनके बंद होने के बाद यहां एक महत्वपूर्व बदलाव देखने को मिल रहा है. 

उनके मुताबिक 15-16 मार्च को हुई बरसात के बाद गंगा के जलस्तर में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, अगर हम लॉकडाउन के पहले और बाद के हालात पर नजर डालें तो बदलाव साफतौर पर देखा जा सकता है.

दरअसल ऐअसा कहा जा रहा है कि लॉकडाउन की वजह से लोग गंगा स्नान नहीं कर रहे हैं और फैक्टरियां भी बंद हैं, इसकी वजह से गंगा का पानी बहुत साफ नजर आ रहा है. लॉकडाउन की वजह से ऐसा बदलाव देखकर खुशी हो रही है. कानपुर के लोगों का भी गंगा को लेकर कुछ ऐसा ही मानना है.