AIIMS उद्घाटन को लेकर झारखंड में मचा बवाल, रद्द कर दिया गया कार्यक्रम

झारखण्ड को इस कोरोना महामारी में AIIMS मिलने जा रहा था लेकिन राजनीतिक लड़ाई के चलते अब ये AIIMS जो उद्घाटन का इन्तजार कर रहा है वो कब शुरू हो पायेगा ये तो आने वक्त में पता चलेगा.. लेकिन अब झारखण्ड में राजनीति तेज हो गयी है AIIMS को लेकर…
कोरोना महामारी के बाद सबसे ज्यादा जिस बात की कमी खली वो थी अस्पतालों में बेड की कमी.. लेकिन जब अस्पताल बनकर तैयार हो उसका उद्घाटन सिर्फ इसलिए ना हो पाये कि राजनीतिक लड़ाई और श्रेय लेने की होड़ मची है तो.. मामले को आपतक पहुँचना भी जरूरी हो जाता है.

दरअसल झारखंड के देवघर में नवनिर्मित एम्स के ओपीडी (AIIMS OPD) का उद्घाटन कार्यक्रम 26 जून होना सुनिश्चित हुआ था. कार्यक्रम कि तैयारियां शुरू कर दी गयी थी.. कोरोना के प्रोटोकॉल के तहत बेहद कम लोग ही इस कार्यक्रम में सशरीर भाग ले सकते थे बाकी लोगों को वर्चुअल माध्यम से जुड़ना था यहाँ तक केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी और मंत्री भी वर्चुअल उद्घाटन ही करने वाले थे.. लेकिन यहाँ पर एक विवाद खड़ा हो गया.

दरअसल निशिकांत दूबे जो गोड्डा से सांसद है उन्होंने आरोप लगाया है कि राजनीतिक विद्वेष की भावना से देवघर के डीसी ने उन्हें कार्यक्रम में सशरीर शामिल होने का न्योता नही दिया.. जबकि बीजेपी का कहना है कि स्थानीय प्रतिनिधि का कार्यक्रम में शामिल होना एक प्रोटोकॉल है और जरूरी भी! अगर स्थानीय विधायक और सांसद कार्यक्रम में शामिल नही होंगे तो ये एक गलत सन्देश जाएगा और आने वाली सरकारों के लिए एक गलत प्रचालन बन जाएगा.. वहीँ डीसी देवघर ने साफ कहा कि सांसद दुबे इस कार्यक्रम में वर्चुल तरीके से ही शामिल हो सकेंगे. इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया है.

सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि मैं व्यक्ति विशेष नहीं गोड्डा का सांसद हूं. मुख्यमंन्त्री जी अपने अर्दली देवघर जिला उपायुक्त को बता दीजिए कि घटिया मानसिकता व शब्दों का प्रयोग नहीं करें. हेमंत सोरेन जी आपने दो बार माननीय मंत्री@drharshvardhan जी को देवघर आने से रोका । केन्द्र सरकार ने अपमान झारखंड की जनता के लिए पी लिया । अब आपका उपायुक्त कह रहा है कि कोई राजनीतिक व्यक्ति यानि मैं, विधायक नारायण दास जी एम्स नहीं घुस सकते. भाजपा इस हरकत को बर्दाश्त नहीं करेगी । अब एम्स का उद्घाटन मंत्री हर्षवर्धन जी देवघर आकर खुद करेंगे.

अब जब मामला इतना बढ़ जाए तो सत्ता में बैठे नेता कैसे शांत रह सकते थे. कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने देवघर एम्स मामले पर कहा कि निशिकांत दुबे को उद्घाटन समारोह में नहीं बुलाया जाएगा और देखते हैं वह क्या-क्या कर सकते हैं. साथ ही इरफान अंसारी ने निशिकांत दुबे को चुनौती देते हुए कहा कि हमारे सीएम उद्घाटन के लिए सक्षम हैं. दिखाइए कितना गर्मी है आपको.

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि झारखंड की सरकार में बैठे हुए नुमाइंदे यह ध्यान रखें कि एम्स केंद्र सरकार के द्वारा बनाई गई है और निशिकांत जी के पहल पर बनाई गई है. इसका श्रेय लूटने का काम जेएमएम और कांग्रेस के लोग न करें. प्रोटोकॉल कॉल के अनुसार उद्घाटन में वहां के जन प्रतिनिधि को बुलाना अति आवश्यक है लेकिन जो सूचना है वहां के डीसी को निर्देश दिया गया है कि वहां के जनप्रतिनिधि और सांसद को न बुलाया जाए. इस प्रकार की बात होगी तो हम मौन धारण कर नहीं बेठेगें. आंदोलन करेगें और ईंट से ईंट बजा देगें.

बीजेपी नेता बाबु लाल मरांडी ने सीएम हेमत सोरेन को पत्र लिखकर देवघर डीसी की शिकायत की है और कहा कि AIIMS उद्घाटन कार्यक्रम में स्थानीय सांसद को सशरीर उपस्थित रहने का आमंत्रण नहीं दिया गया है. यह सामान्य शिष्टाचार के प्रतिकूल है. केन्द्र सरकार की किसी भी संस्था के उद्घाटन कार्यक्रम में अतिथियों के नाम संबंधित मंत्रालय या संस्था तय करती है, लेकिन उक्त कार्यक्रम में राज्य सरकार (देवघर जिला उपायुक्त) अतिथियों के नाम तय कर रही है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस उद्घाटन समारोह को रद्द कर दिया है, अब ये क्यों रद्द किया गया है इसको लेकर कोई ख़ास जानकारी नही दी गयी है लेकिन अंदाजा यही लगाया जा रहा है कि विवाद को बढ़ता देख इस कार्यक्रम को स्थगित किया गया है. अब देखने वाली बात होगी कि क्या झारखण्ड में मिलने वाले नए AIMMS का उद्घाटन कब हो पाता है और इस राजनीतिक लड़ाई में जीत किसे हासिल होती है ये भी देखना दिलचस्प होगा!

वैसे इस तरह के अधिकतर कार्य्रकम में स्थानीय सांसद और विधायक कार्यक्रम में मौजूद होते हैं चाहे हो किसी भी पार्टी के हों… जब कार्यक्रम सरकारी होता है तो वहां पर पार्टी नही होती वहां पर प्रतिनिधि होते है!