रूस ने बताया कोरोना की वैक्सीन कब तक होगी प्रभावी? अप्रैल तक हर अमेरिकी को लग जायेगा टीका!

दुनियाभर में कोरोना वैक्सीन बनाने का काम चल रहा है. लेकिन इन सब के बीच सबसे बड़ा सवाल ये है कि कोरोना वायरस की कारगर और प्रभावी वैक्सीन आखिर कब तक आएगी और अगर वैक्सीन मिल भी जाती है या हमें लग भी जाती है तो वह कब तक इंसानों को कोरोना वायरस से बचाएगी, इसको लेकर बीते कई दिनों से चर्चा जारी है. इसको लेकर कई विशेषज्ञों ने अलग-अलग दावे किए हैं. इसी कड़ी में अब रूस ने अपनी दूसरी वैक्सीन को लेकर एक खुश करने वाला दावा किया है. इस वैक्सीन को विकसित करने वाली रूस की वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी के डॉ अलेक्जेंडर राईजिकोव का कहना है कि ये वैक्सीन कम से कम 6 महीने के लिए वायरस की प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी की गारंटी देता है. उन्होंने कहा कि वैक्सीन कोरोना के खिलाफ जीवनभर प्रतिरक्षा प्रदान नहीं करती है, लेकिन टीकाकरण को आवश्यकता के अनुसार दोहराया भी जा सकता है.

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वही रूस ने कोरोना वायरस के हल्के और मध्यम लक्षणों वाले मरीजों को कोरोनावीर नामक दवा बेचने की भी मंजूरी दे दी गई है. अगले सप्ताह से दवा की दुकानों से डॉक्टर के पर्चे पर ये दवा खरीदी जा सकती है.बता दें कि इससे पहले सिर्फ अस्पतालों में भर्ती मरीजों को ही ये दवा देने की मंजूरी दी गई थी. कोरोनावीर आर-फार्मा की दवा है. आर-फार्मा ने बताया कि कोरोना के 168 मरीजों पर कोरोनावीर दवा का तीसरे चरण का परीक्षण किया गया. इसके बाद ही इसे मंजूरी मिली है. अस्पताल में भर्ती मरीजों के इलाज में इस दवा के इस्तेमाल की मंजूरी जुलाई में मिली थी.

उधर अमेरिका से भी कोरोना वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर सामने आई है.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोरोना वैक्सीन को लेकर एक नया ऐलान किया है. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जैसे ही वैक्सीन को मंजूरी दी जाती है, प्रशासन इसे तुरंत अमेरिकी लोगों तक पहुंचाएगा. हर महीने लाखों की खुराक उपलब्ध होगी और हमें अप्रैल तक हर अमेरिकी के लिए पर्याप्त वैक्सीन होने की उम्मीद है.

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वही अगर भारत में कोरोना वैक्सीन की बात करें तो भारत की दो स्वदेशी कोरोना वायरस वैक्सीन में अब तक बेहतर सेफ्टी नतीजे देखने को मिले हैं. इस बात की जानकारी खुद केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने लोकसभा में दी. लोकसभा में अश्विनी चौबे ने बताया कि पहले चरण के क्लिनिकल परीक्षण में भारत बायोटेक द्वारा आईसीएमआर के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा टीका और कैडिला हेल्थकेयर लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा टीका दोनों सुरक्षित रहे हैं और अब उनकी प्रतिरक्षा क्षमता का परीक्षण जारी है. उन्होंने कहा कि इन टीकों के दूसरे चरण के क्लीनिकल परीक्षण चल रहा हैं. अगर कोविड-19 के टीके के क्लीनिकल परीक्षण सफल होते हैं तो एक प्रभावी टीका 2021 की पहली तिमाही के अंत तक उपलब्ध होने की उम्मीद है. ऐसे में कोरोना वैक्सीन से जुड़ी से ये सारी खबरें इस ओर इशारा करती है कि जल्द ही कोरोना की वैक्सीन हम तक और आप तक उपल्ब्ध होंगी.