रूस के वैक्सीन की दुनियाभर में बढ़ी मांग,जानिए भारत में कितने वैक्सीन का हो रहा है निर्माण?

कोरोना संकट को दूर करने के लिए सबको बस इंतेजार है तो इसके वैक्सीन आने का. अमेरिका, रूस, ब्रिटेन और चीन के अलावा भारत में भी कोरोना वैक्सीन पर काम जोरों पर है. यही नहीं रूस ने तो दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना लेने का दावा भी किया है. ऐसे में कोरोना संक्रमितों के लिए बनाई गई रूस वैक्सीन की दुनियाभर में भारी मांग हो रही है. रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने दावा किया है कि 20 देशों ने वैक्सीन ‘स्पूतनिक-वी’ के लिए प्री-ऑर्डर कर दिया है. उन्होंने बताया कि दुनिया के 20 देशों ने वैक्सीन की करोड़ों डोज खरीदने में रुचि दिखाई है.

वही रूसी वैक्सीन से संबंधित वेबसाइट ने दावा करते हुए उन देशों के नामों को भी बताया है, जिन्होंने रूसी वैक्सीन को खरीदने में इच्छा जाहिर की है. इसमें भारत, सऊदी अरब, इंडोनेशिया, फिलीपींस, ब्राजील, मैक्सिको आदि देश शामिल हैं. इसमें ये भी बताया गया है कि साल 2020 के अंत तक, 20 करोड़ कोरोना वैक्सीन के उत्पादन की योजना है. इसमें से 3 करोड़ डोज रूस खुद के लिए रखेगा.

कोरोना अपडेट: 15 अगस्त तक वैक्सीन ...

वही अगर भारत में वैक्सीन की स्थिति के बारे में बात करें तो भारत में भी वैक्सीन पर ट्रायल चल रहा है. भारत की कम से कम 3 दवा कंपनियां कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार करने में जुटी हुई हैं. ये कंपनियां हैं- भारत बायोटेक, जायडस कैडिला, अरविंदो फार्मा.
देश में हैदराबाद में स्थित भारत बायोटेक और अहमदाबाद की जाइडस कैडिला कंपनी ने ह्यूमन ट्रायल भी शुरू कर दिया है. ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ने इन वैक्सीनों के ह्यूमन ट्रायल की मंजूरी दी है.

भारत की पहली संभावित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सिन का ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल दिल्ली, पटना, भुवनेश्वर, चंडीगढ़ सहित देश के 12 हिस्सों में चल रहा है. कोवैक्सिन का निर्माण भारत बायोटेक, आईसीएमआर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ विरोलॉजी ने मिलकर किया है.

वही हैदराबाद स्थित भारतीय दवा कंपनी अरविंदों फार्मा भी कोरोना की वैक्सीन पर काम कर रही है. कंपनी ने पहले और दूसरे चरण के अध्ययन को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल दिसंबर 2020 तक शुरू होने का अनुमान है. अरविंदो फार्मा ने कहा कि वैक्सीन साल 2021-22 के अंत तक पेश किया जा सकता है.

इसके अलावा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ आदर पूनावाला ने दावा किया है कि देश में दिसंबर की शुरुआत में कंपनी कोविड-19 वैक्‍सीन लॉन्‍च कर देगी. सीरम इंस्टीट्यूट ऑक्सफोर्ड की एस्ट्रजेनेका वैक्सीन पर काम कर रही है, जिसका तीसरे चरण का क्लिनिकल परीक्षण चल रहा है. इसका भारत में अगस्त में मानव परीक्षण शुरू होने की संभावना है. ऐसे में दुनिया के सबसे बड़े वैक्‍सीन निर्माता सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ डंडिया का ये दावा अगर सही साबित होता है तो देश को इस साल के आखिर तक कोरोना वैक्सीन मिल जाएंगा..