टेक्सास और साऊदी में भारी बर्फ़बारी से वैज्ञानिक परेशान! जानिये ग्लोबल वार्मिंग कैसे डाल रहा है असर

ग्लोबल वार्मिंग… ये शब्द सुनने में लगता है कि कोई टेक्नीकल शब्द है और इसका हमसे कोई लेना देना नही है.. लेकिन यहीं से हमें सावधान होने की जरूरत है कि इसका असर हमारे घरों के आस पास तक पहुँच चुका है. ऐसा कहा जा रहा है कि तीसरा विश्व युद्ध का कारण भी ग्लोबल वार्मिंग हो सकता है. बारिश के समय अतिवृष्टि या फिर सूखा पड़ना. गर्मियों में बारिश हो जाना या फिर ठंड में या तो बिल्कुल गर्म मौसम या फिर भीषण बर्फबारी होना. ये सारे ही मौसम के एक्सट्रीम हैं, जो ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण दिख रहे हैं. ग्लोबल वाम्रिंग के कारण ही कई इलाके सूख सकते हैं… कई देशों में भुखमरी हो सकती है और फिर तीसरा विश्व युद्ध भी छिड़ सकता है.
अब आते है मुद्दे पर. कि ये सब बातें हमने आपको क्यों बतायी?

भारत में ठण्ड से राहत मिलती दिखाई दे रही है लेकिन दुनिया के कई देश ऐसे हैं जहाँ पर स्थिति ऐसी है कि जबरदस्त बर्फ़बारी हो रही है. पानी, नदी, झील, तालाब, यहाँ तक की गैस तक जम चुकी है अमेरिका के टेक्सास में स्थिति खराब है.. लेकिन सबसे हैरानी वाली बात ये है की आरब जिसे सबे गर्म स्थानों में भी गिना जाता है वहां स्नोफाल हो रहा है. अरब से ऐसी तस्वीर लगभग ५० साल बाद सामने आई है.  स्नोफाल की तस्वीरें होती है अच्छे है लेकिन वैज्ञानिक परेशान है हैरान है  और ग्लोबल वार्मिंग को चिंता जता रहा है .

ऐसा नही है कि ग्लोबल वार्मिंग से सिर्फ ग्लेशियर/बर्फ पिघलती है बल्कि बर्फ़बारी भी होती है और दुर्गम स्थानं पर भी होती है  लोग स्नोफॉल देखते हुए लगातार पर्यावरण के प्रति इस चिंता को खारिज करते रहे लेकिन वैज्ञानिक बता रहे हैं कि पर्यावरण में प्रदूषण के कारण तापमान बढ़ने के बाद भी स्नोफॉल संभव है.
ग्लोबल वॉर्मिंग यानी तापमान बढ़ने के कारण जब ध्रुवीय बर्फ तक पिघल रही है और समुद्री स्तर बढ़ा है, तब दुनिया के अलग-अलग हिस्से में भीषण बर्फबारी क्यों दिखाई दे रही हैं. एक तरफ बर्फ का पिघलना और दूसरी तरफ बर्फ़बारी होना…ये मौसम चक्र में बदलाव का संकेत है.. मौसम तेजी से और अजीबोगरीब तरीके से बदल रहा है. यही कारण है कि कुछ इलाकों में भयंकर स्नोफॉल होता है, जबकि कई ठंडे इलाके सूखे पड़े रहते हैं. लेकिन क्लाइमेट चेंज से केवल तापमान नही बढ़ा, बल्कि सऊदी अरब जैसे रेगिस्तानी देश में बर्फबारी के लिए भी जिम्मेदार है.

आखिर गर्म साउदी में कैसे हुई बर्फ़बारी?

बर्फ तब बनती है, जब हल्की गर्म हवा, बहुत ठंडी हवा से मिलती है. ध्रुवीय इलाकों से बर्फ पिघलने पर पानी और हवा दोनों ठंडे हो जाते हैं. तब यही हवा आगे बढ़ते हुए हल्की गर्म हवा से मिलती है और बर्फबारी को जन्म देती है. यानी वायुमंडल की नमी ठंडी हवा से मिलकर बर्फ में बदल जाती है. यही टेक्सास और सऊदी में भी हुआ… टेक्सास में बर्फ़बारी से हालात खराब हो चुके हैं और साउदी में ५० साल में बर्फ़बारी देखने को मिली..
ये सब ग्लोबल वार्मिंग के कारण ही हुआ है. ग्लोबल वार्मिंग के कई और भी उदाहरण है…जैसे बिन मौसम बरसात, अधिक ठंड पड़ना, अधिक गर्मी पड़ना.. जिसे हम नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन यही हमारी जिन्दगी पर बड़ा प्रभाव डाल रही है.