लगभग डेढ़ सौ साल बाद बीज हुआ अंकुरित, निकला विचित्र पौधा!

क्या आपने कभी सुना है कि कोई बीज लगभग डेढ़ सौ साल बाद अंकुरित हुआ हो..शायद नहीं सुना होगा..क्योंकि ऐसा पहले कभी हुआ ही नहीं..अब जाकर ऐसा पहली बार सुनने और देखने को मिला है कि किसी बीज से करीब 142 साल बाद अंकुर निकला हो.

142 years ago, remove 21 kinds of seeds buried in the ground in a bottle,  every 5 years; You will know the reason for germination | 142 साल पहले बोतल  में बंद

साल 1879 की बात है करीब 142 साल पहले..वनस्पति विज्ञानी विलियम जेम्स बील ने मिशिगन के ईस्ट लैन्सिंग इलाके और आसपास से कुछ बीज जमा किए. उन्होंने इन बीजों को बोतलों में मि्ट्टी के साथ भरकर मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के कैंपस में एक सीक्रेट जगह पर छिपा दिया.वैज्ञानिक विलियम जेम्स बील सिर्फ ये जानना चाहते थे कि क्या इन बोतलों के बीज सालों, दशकों या सदियों बाद भी पनपेंगे या नहीं.

दुनिया के सबसे लंबे प्रयोगों में से एक हैं. ये आज भी चल रहा है,जो अब जाकर 23 अप्रैल को बोतलबंद 11 बीज अंकुरित हुए हैं.

142 years ago, remove 21 kinds of seeds buried in the ground in a bottle,  every

ये बात तब पता चला जब मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी में बॉटनी के प्रोफेसर डॉ. डेविड लोरी 23 अप्रैल को अपने विभाग के बेसमेंट में गए. वहां उन्होंने चैंबर में रखे इन बोतलों को देखा तो बाहर की तरफ कुछ मिट्टी गिरी हुई थी. ध्यान से देखने पर इन बीजों से दो पत्ते वाले अंकुर निकले दिखाई दिए.जिसे देखकर प्रो. लोरी हैरान रह गए, उन्होंने कहा कि ये एक हैरतअंगेज मौका था.

डॉ. लोरी ने बताया कि 142 साल के बाद जब इन बीजों को सूरज की रोशनी और गर्मी मिली तो ये नींद से जाग गए.  इसका सीधा मतलब ये है कि कई साल या सदियों पुराने बीज भी वापस सही परिस्थित मिलने पर पौधे का रूप ले सकते हैं.

Seeds From a 142-Year-Old Science Experiment Have Sprouted - The New York  Times

आपको बता दें कि अप्रैल के महीने में डॉ लोरी और उनके साथियों ने इस बोतल को खोजने की कवायद तेज की थी, जिसके बाद काफी खोज बीन के बाद उन्हें ये बोतल मिली है. इन लोगों ने बोतल से मिट्टी निकालकर एक चैंबर में डाल दिया था. इस दौरान इन्हें मिट्टी के अंदर 11 बीज दिखाई दिए. जिसके बाद डॉ लोरी देखना चाहते थे कि इसमें क्या होता है. जिसके बाद इन्हें मिट्टी के अंदर से बीज  अंकुरित होते हुए नजर आए.

इसमें भी हैरानी की बात ये है कि इनमें से एक छोटा पौधा विचित्र है. उसके पत्तों पर महीने रेशे और नुकीले किनारे हैं. जबकि और सब सामान्य पौधे लग रहे हैं. इसे देखकर यूनिवर्सिटी के साइंटिस्ट हैरान भी हैं और खुश भी.