शर्मनाक: TMC कार्यकर्ताओं ने बंगाल हिंसा में 6 साल के पोते के सामने 60 साल की महिला के साथ किया गैंगरेप!

पश्चिम बंगाल से एक बेहद की शर्मनाक और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई. प्रदेश की कुछ महिलाओं ने सत्तारूढ़ टीएमसी के सदस्यों द्वारा सामूहिक बलात्कार करने का आरोप लगा रही है, जिसमें एक 60 वर्षीय महिला भी शामिल है, साथ में नाबालिग महिलाएं भी है. इन महिलाओं ने विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद हुई हिंसा के दौरान खुद के साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की बात कही है. इंसाफ के लिए महिलाओं ने सिधे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. क्योंकि महिलाओं का मानना है कि राज्य में टीएमसी की सरकार है इसलिए उन्हें राज्य सरकार से न्याय की कोई उम्मीद नहीं है. ऐसे में उन्हें न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख करना पड़ा है. इन महिलाओं ने हिंसा के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर गैंगरेप का आरोप लगाया है. महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि अदालत की निगरानी में एसआईटी गठित कर हिंसा की सभी घटनाओं और पुलिस की कथित निष्क्रियता की जांच की जाएं.

60 year lady bengal TMC के लोगों ने 60 साल की महिला का किया गैंगरेप!

पीड़ित महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट के सामने 4 मई को उनके साथ हुई बदसलूकी का हाल बताया है. सुप्रीम कोर्ट में एक 60 साल की महिला ने बताया कि 4 मई की रात उनके घर में टीएमसी के कार्यकर्ता जबदस्ती घुस आए थे और उन्होंने महिला के 6 साल के पोते के सामने ही उनके साथ दुष्कर्म किया. महिला ने ये भी बताया कि उस दौरान टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने घर में लूट भी की. बुजुर्ग महिला ने याचिका में बताया कि पड़ोसियों ने अगले दिन उन्हें बेहोशी की हालत में पाया और अस्पताल में भर्ती कराया. महिला का कहना है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बदला लेने के लिए रेप जैसी घटनाओं को अंजाम दिया. ये मामला मेदिनीपुर जिले का बताया जा रहै है.

शर्मनाक: जीत के बाद गुंडागर्दी पर उतर आये TMC कार्यकर्ता, 60 वर्षीय महिला  का खाट में बाँध कर पोते के सामने किया गैंग-रेप - JP WORLD NEWS - HAR KHABAR  AAP TAK

दूसरी पीड़ित नाबालिग महिला ने याचिका में कहा है कि गुंडों ने उसका अपहरण किया और बलात्कार किया. पीड़िता ने बताया कि गुंडों ने कहा कि बीजेपी का प्रचार करने का सबक सिखाएंगे. इन पीड़ितों ने टीएमसी सदस्यों पर आरोप लगाया है. पीड़ित महिलाओं ने सुप्रीम कोर्य से मांग की है कि इस मामले की जांच एसआई़टी या सीबीआई से करवाई जाएं. साथ ही महिलाओं की ये भी मांग है कि  मामले का ट्रायल शहर से बाहर किया जाए.