विश्वविख्यात श्रावणी मेला 14 जुलाई से होगा शुरू, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए देवघर नगर निगम की खास तैयारी

कोविड-19 वैश्विक महामारी कोरोना (Pandemic Coronavirus) की वजह से पिछले दो वर्षों से हर पर्व-त्योहारों पर ग्रहण लगा हुआ था। हालांकि इस बार विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं को पूजा करने का मौका मिलेगा। भारत के सबसे बड़े मेले में शामिल श्रावणी मेला इस बार 14 जुलाई से  शुरू होने जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए देवघर नगर निगम ने मई से ही तैयारी शुरू कर दी थी। दो साल बाद लगाने वाले इस मेले में इस बार श्रद्धालु की सुख सुविधा का खास ख्याल रखा गया है।

भक्तों की इंट्री के लिए डिजिटल व्यवस्था

शीघ्रदर्शनम गेट पर भीड़ न लगे इसके लिए इंट्री गेट को हाइटेक बनाया जा रहा है. श्रावणी मेले में इस बार न तो टिकट स्कैनिंग के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी और न ही इस सिस्टम में भीड़ होगा. भक्तों के हाथों में कागज पर बार कोड लगे कूपन की जगह आरएफडी डिजीटल स्मार्ट कार्ड होगा. निगरानी के लिए एक-दो लोग सिर्फ गेट पर नजर रखने के लिए खड़े रहेंगे। मेट्रो गेट की तरह इस बार श्रावणी मेले में ८ गेट लगेंगे जिसका टेंडर पटना की टेलीकॉम कंपनी ने लिया है।

हर मिनट 80 लोग गेट से करेंगे प्रवेश :

इस संबंध में कंपनी के निदेशक रवींद्र सिंह ने बताया कि हर गेट से प्रति मिनट आठ से 10 लोग इंट्री करेंगे. देखा जाये तो सभी गेटों को मिलाकर प्रति मिनट 80 लोग गेट से प्रवेश करेंगे. हर घंटे साढ़े चार हजार से अधिक लोगों को इस सिस्टम से जलार्पण कराया जा सकता है.

टॉयलेट की पूरी व्यवस्था

रूट लाइन सहित कांवरिया पथ में पीएचइडी द्वारा बनाये गये टायलेट बेस पर पुरे २०० टायलेट सीट लगाने का निर्णय लिया गया है। निर्धारित 200 जगहों पर टायलेट सीट लगाने का काम श्रावणी मेला से पहले पूरा किया जायेगा. टायलेट सीट लगाने से कांवरियों व श्रद्धालुओं को नित्यक्रिया में सहूलियत होगी।  टायलेट को दुरुस्त करने के साथ साथ वहां पानी, बिजली आदि का इंतजाम पुख्ता किया जायेगा। इस बार श्रावणी मेला के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक तैयारी किया जा रहा है।

पार्किंग के पुख्ता इंतज़ाम

श्रावणी मेले में बहार से आने वाले कावड़िया वाहनों के लिए काफी बड़ी पार्किंग का इंतज़ाम भी किया गया है ताकि आने वाले यात्रियों को कोई परेशानी न हो। शहर  से बहार अलग अलग जगह पर करीब १ दर्जन पार्किंग के इंतज़ाम किये गए है।  गौरतलब है की इस बार गंगा घाट तक वाहनों का आना प्रतिबंदित है।

मंदिर कर्मचारियों को दिया जायेगा प्रशिक्षण 

इस सिस्टम को संचालित करने के लिए मंदिर कर्मचारियों को कंपनी द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा।  जिसमें कार्ड जारी करने, री-प्रोग्रामिंग करने आदि के बारे में बताया जायेगा. कार्ड जारी करने के लिए सभी कर्मचारियों का अपना-अपना आइडी पासवर्ड होगा, ताकि कार्ड जारी होने के बाद किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो. आइडी पासवर्ड से पता चल जायेगा कि किस कर्मचारी ने कार्ड जारी किया है.

  • अब भक्तों को कूपन नहीं, मिलेगा आरएफडी स्मार्ट कार्ड
  • नहीं रहेगी किसी तरह की फर्जीवाड़ा की संभावना
  • कूपन लेकर इंट्री करने के लिए बनाये जा रहे हैं आठ गेट