पंजाब में जुलाई से सिंगल यूज्ड प्लास्टिक पर बैन, नहीं कर पाएंगे इस्तेमाल

विश्व पर्यावरण दिवस-2022’ के अवसर पर पंजाब सरकार ने जुलाई से एकल उपयोग वाले (सिंगल-यूज) प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने की रविवार को घोषणा की। जिला में 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी) के इस्तेमाल, भंडारण व बिक्री पर पूर्णतया रोक होगी।  सरकार का कहना है कि इससे राज्य को हरा-भरा और स्वस्थ बनाया जा सकेगा, साथी ही कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी।

क्या होगा बैन

पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्लास्टिक के झंडों से लेकर ईयरबड तक पर एक जुलाई से पाबंदी होगी। किसी भी ऐसी चीज का इस्तेमाल नहीं होगा, जो कि सिंगल यूज प्लास्टिक से बनी होगी, जिसमें पेन, पानी की बोतलें, प्लास्टिक से बने बैनर-पोस्टर, खाने में इस्तेमाल होने वाली कटलरी आदि चीजे शामिल हैं। प्रदूषण को बढ़ाने में सिंगल यूज प्लास्टिक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसमें प्लास्टिक के स्ट्रॉ, पॉलीथिन, प्लास्टिक के ग्लास इत्यादि जो एक बार इस्तेमाल हो जाने के बाद फेंक दिए जाते हैं, ऐसे में कई बार लोग इन्हें खत्म करने के लिए जमीन में दबा देते हैं या फिर जलाकर पानी में फेंक देते हैं। सिंगल यूज प्लास्टिक न आसानी से नष्ट होता है, न रिसाइकिल होता है। इस प्लास्टिक के नैनो कण घुलकर पानी और भूमि को प्रदूषित करते हैं।

जुलाई 2022 से सिंगल यूज्ड प्लास्टिक बैन

 पंजाब के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण सचिव राहुल तिवारी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य सरकार के सिंगल उसे प्लास्टिक पर बैन लगाने के निर्णय की घोषणा की। तिवारी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार हमारे पूज्य गुरुओं के बताए रास्ते पर चलकर पंजाब को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए कटिबद्ध है।’’ एक आधिकारिक बयान के अनुसार, तिवारी ने राज्य भर में 55 मल-जल शोधन संयंत्र स्थापित करने की घोषणा करते हुए बताया कि ये अत्याधुनिक संयंत्र कुछ हद तक जल प्रदूषण के स्तर को कम करने के साथ-साथ खेती और अन्य संबद्ध गतिविधियों के लिए शोधित पानी का उपयोग करेंगे।

प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद

 जीवाश्म ईंधन आधारित औद्योगिक इकाइयों को प्राकृतिक गैस आधारित इकाइयों में बदलने के लिए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने औद्योगिक इकाइयों में अत्याधुनिक मीटर स्थापित करने के साथ-साथ ऑनलाइन निगरानी स्टेशनों की जांच के लिए औद्योगिक इकाइयों की ऑनलाइन निगरानी शुरू कर दी है। इस वर्ष 1.20 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है। राज्य के अनमोल प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उत्कृष्ट योगदान के लिए शहीद भगत सिंह पंजाब राज्य पर्यावरण पुरस्कार को संस्थागत बनाने की घोषणा की। 

उन्होंने कहा कि महान स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर दिया जाने वाला यह पुरस्कार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए व्यक्तियों/संगठनों द्वारा की गई उत्कृष्ट एवं कड़ी मेहनत को मान्यता प्रदान करेगा।