बच्चों पर वैक्सीन का सफल ट्रायल, अगस्त में मिल जायेगी बच्चों के लिए वैक्सीन!

कोरोना वायरस को लेकर सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर थी कि तीसरी लहर में कोरोना वायरस सबसे ज्यादा बच्चों को प्रभावित करने वाला है. ऐसे में देश के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों पर इस बात को लेकर दबाव था कि आखिर वे कैसे कोरोना की तीसरी लहर को कंट्रोल करेंगे. इसके लिए सबसे कारगार चीज थी कोरोना की वैक्सीन!

भारत बायोटेक की ओर से बच्चों पर किया जा रहा वैक्सीन ट्रायल दिल्ली AIIMS में पहले चरण में सफल हो गया है. वैक्सीनेशन प्रोग्राम के प्रमुख डॉ संजय राय ने कहा कि 12 से 18 साल के बच्चों में वैक्सीन लगाने के बाद पाया गया कि यह पूरी तरह से सुरक्षित है. एम्स के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 7 जून को एम्स दिल्ली में बच्चों पर ट्रायल शुरु किया गया था. यह ट्रायल 12 से 18 साल के बच्चों पर किया गया. जिन बच्चों को वैक्सीन लगाई गई उनमें से किसी में भी वैक्सीनेशन के बुरे प्रभाव देखने को नहीं मिले. वैक्सीन देने के बाद किसी भी तरह के गंभीर लक्षण बच्चों में नहीं दिखे. राहत की बात यह भी रही कि वैक्सीनेशन के बाद किसी भी बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराने की नौबत नहीं आई.

पहले चरण के ट्रायल के परिणाम के बाद एम्स के डॉक्टरों ने दूसरे ऐज ग्रुप के बच्चों का ट्रायल भी आज से शुरु कर दिया है. इस ट्रायल में 6 से 12 साल तक के बच्चों को शामिल किया गया है. जिन बच्चों का आज शारीरिक परीक्षण किया गया है उन्हें अगले एक से दो दिनों में वैक्सीन लगाई जाएगी.  हालाँकि अभी तक इस बात को लेकर कोई जानकारी सामने नही आई है कि कब तक बच्चों के लिए कोरोना की वैक्सीन तैयार हो सकती है.