लॉकडाउन की वजह से करीब एक दशक बाद यमुना नदी में फिर से वापस लौटे ये खतरनाक जिव…

लॉकडाउन ने जहां लोगों का जीना मुहाल कर दिया तो वही लॉकडाउन जीव-जंतु, नदी-तलाब, प्रदूषण और पर्यावरण के लिहाजें से अच्छा साबित हुआ है. इसको लेकर एक और खबर सामने आया है.

दरअसल, करीब-करीब एक दशक के बाद यमुना नदी में फिर से कुछ खतरनाक जीव वापस लौट आए हैं. इन जीवों के आने के पीछे बड़ा कारण है लॉकडाउन. लॉकडाउन के समय में इंसानी गतिविधियां यहां कम की गईं थी. जिसकी वजह से यमुना नदी में प्रदूषण कम हो गया है. हाल ही में यमुना नदी में घड़ियाल के बच्चें तैरते हुए नजर आए है. माना जा रहा है कि यमुना नदी में प्रदूषण कम होने की वजह से ये घड़ियाल चंबल नदी से बाहर आकर यमुना में आ गए हैं.

यहां आपको बता दे कि लगभग एक दशक पहले जब यमुना नदी में प्रदूषण का स्तर बढ़ा था, तब घड़ियालों की संख्या नदी में कम होती जा रही थी. लगभग सारे घड़ियाल यमुना नदी को छोड़कर चंबल नदी में चले गए थे और वहीं पर प्रजनन करते थे. मगर इस बार प्रजनन के लिए कुछ घड़ियाल यमुना नदी में आए थे. इसी कारण से यमुना नदी में घड़ियालों के बच्चे देखने को मिल रहे हैं.

भारतीय वन सेवा के अधिकारी सुशांत नंदा ने इन घड़ियालों के बारे में ट्वीट किया था. सुशांत नंदा ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि कोरोना काल के दौरान एक दिल को सुकून देने वाली खबर समाने आई है. चंबल नदी से निकलकर साफ हुई यमुना की तरफ घड़ियाल पहुंचे हैं. यमुना में ही इन्होंने अपना घर बनाया फिर प्रजनन किया है.

 

घड़ियालों को गैवियाल भी कहा जाता है. घड़ियाल अत्यंत दुर्लभ शुडल वन के जीव है. यहीं नही ये दुनिया में करीब-करीब सभी जगह से ही विलुप्त हो चुके हैं.बस भारत में ही इनकी संख्या बढ़ रही है और कह सकते है की अब बस यही इनकी दुनिया बची है. कुछ ही दिन पहले चंबल और यमुना नदी के संगम के पास में घड़ियालों के बच्चे हुए थे. माना जा रहा है कि इस बार घड़ियालों के काफी बच्चे हुए हैं. अब यमुना में घड़ियालों के वापस आ जाने से एक बार फिर से वन्यजीव प्रेमियों में खुशी की लहर दौर गई है.