आज साल का आखिरी सूर्य ग्रहण,जान लें इससे जुड़ी बड़ी बातें

आज दुनिया भर के कई अलग-अलग हिस्सों में इस साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगा। यह ग्रहण लगभग 8 बजे से शुरु हुआ और तकरीबन 1:30 मिनट पर खत्म हुआ। सूर्य ग्रहण को देखने के लिए दिल्ली, बेंगलुरु और चेन्नई समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में खास इंतजाम किया गया था। वैज्ञानिकों के अनुसार, सूर्य ग्रहण के समय ऐसी हानिकारक किरणें निकलती हैं जो हमारे आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए इसे नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए।

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तो चलिए जानते हैं साल के इस आखिरी सूर्य ग्रहण को वैज्ञानिकों ने ‘रिंग ऑफ फायर नाम क्यों दिया है?

जब चांद सूर्य के सामने आए और उसके चारों तरफ एक चमकता हुआ रिंग या सर्किल बने तो इसे एन्यूलर या रिंग ऑफ फायर सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

अब आपको बताते हैं कि सिर्फ धरती पर ही नहीं,और किन-किन ग्रहों पर लगता है सूर्य ग्रहण-

पृथ्वी के साथ-साथ शनि, बृहस्पति, मंगल,यूरेनस, नेपच्यून और सौर मंडल के सबसे छोटे ग्रह प्लूटो पर भी लगता है सूर्य ग्रहण।
बता दें कि साल के आखिरी सूर्य ग्रहण को देखने के लिए पीएम मोदी भी उत्साहित दिखे..प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीटर पर सूर्य ग्रहण की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, “बहुत से भारतीयों की तरह मैं भी सूर्य ग्रहण को लेकर उत्सुक था। लेकिन बादलों की वजह से मैं सूर्य ग्रहण नहीं देख सका । उनहोनें यह भी लिखा कि विशेषज्ञों के साथ बातचीत कर इस विषय पर काफी जानकारी मिली।”

आइए जानते है क्या होता है सूर्य ग्रहण?

सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा के आ जाने से सूर्य का प्रकाश जब पृथ्वी पर नहीं पहुंच पाता तो इस स्थिति को सूर्य ग्रहण कहते हैं। जब सूर्य का एक भाग छिप जाता है तो उसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहते हैं। जब सूर्य पूरी तरह से चंद्रमा की छाया में जाता है तो उसे पूर्ण सूर्यग्रहण कहते हैं। पूर्ण सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या को ही होता है।

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आपको बता दें कि आने वाले साल में यानि अब अगला सूर्य ग्रहण जून 2020 में लगेगा। यह सूर्य ग्रहण भी आंशिक ग्रहण होगा। इसके बाद दिसंबर 2020 में पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह से अपनी छाया से ढक लेगा ।