कोरोना की वैक्सीन अभी आई नही लेकिन तीन राज्यों ने कर दिया फ्री में देने का वादा

अभी कोरोना वायरस की वैक्सीन आई भी नही कि इसे फ्री में बाटने की तमाम वादे शुरू हो गये हैं… दरअसल जब बीजेपी ने बिहार चुनाव में अपने जारी किये घोषणा पत्र में कहा कि हमारी सरकार आने पर बिहार में सभी लोगों को फ्री में कोरोना की वैस्कीन दी जायेगी.. इसके बाद तो बिहार में इसपर जमकर राजनीति शुरू हो गयी… बिहार से होते हुए फ्री में कोरोना की वैस्कीन बाटने का ये प्लान मध्य प्रदेश और फिर तमिलनाडु तक पहुँच गया..

दरअसल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्वालियर पूर्व विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी मुन्नालाल गोयल के समर्थन में एक जनसभा में कहा, ‘बिहार चुनाव में भाजपा ने घोषणा की है कि गरीबों को कोरोना वायरस का टीका मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा. यह टीका मध्य प्रदेश के गरीबों को भी भाजपा सरकार मुफ्त में देगी.’

वहीं, इसके कुछ ही देर बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘जब से देश में कोविड-19 टीके का ट्रायल शुरू हुआ, देश के गरीब वर्ग में एक चर्चा भी शुरू हुई – ‘क्या हम ये खर्च वहन कर पाएंगे’? आज मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ, मध्य प्रदेश में हर एक गरीब प्रदेशवासी को मुफ्त टीका मिलेगा. हम ये जंग जीतेंगे.’
वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने आश्वासन दिया कि कोविड-19 का टीका उपलब्ध होने के बाद जल्द से जल्द राज्य के सभी वर्गों के लिए निशुल्क टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. पुडुकोट्टाई में एक आधिकारिक यात्रा के दौरान पलानीस्वामी ने कहा, ‘ मैं यह घोषणा करना चाहूंगा कि जितने जल्दी टीका विकसित होता है (और राज्यों को उपलब्ध होता है) तमिलनाडु के सभी लोगों का टीकाकरण किया जाएगा और सरकार इसका खर्च वहन करेगी.’

हालाँकि सोचने वाली बात ये है कि अभी तक कोरोना की वैस्कीन नही आई है  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने पिछले सप्ताह कहा था कि आने वाले कुछ महीनों में भारत को कोविड-19 का टीका प्राप्त होने की उम्मीद है.


स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 54,366 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए और 690 कोरोना संक्रमितों ने अपनी जान गंवाई है. बीते दिन 73,979 मरीज ठीक भी हुए हैं. वहीं देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 77 लाख 61 हजार तक पहुंच गई है. इनमें से एक लाख 17 हजार 306 मरीजों की मौत हो चुकी है. वहीं रिकवरी मामलों की संख्या 69 लाख 49 हजार तक पहुंच गई है और एक्टिव केस की संख्या घटकर 6 लाख 95 हजार पर आ गई है.

हालाँकि बिहार में चुनाव के दौरान होने वाली रैलियों में उमड़ने वालों भीड़ और लापरवाही के कारण ये अनुमान लगाया जा रहा है कि चुनाव के खत्म होने के बाद बिहार में कोरोना का ग्राफ तेर्जी से बढ़ सकता है.