यूपी: इस जंगल में 50 लाख साल पुराना हाथी का मिला जबड़ा, वैज्ञानिक भी हैरान

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित शिवालिक की पहाड़ियों में हाथी का 50 लाख साल से भी अधिक पुराने जबड़े का जीवाश्म मिला है. शिवालिक के जंगलों में 50 लाख साल से अधिक पुराने हाथी का जबड़ा मिलने के बाद से ही ये मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.
दरअसल, सहारनपुर जिले के अंतर्गत शिवालिक वन विभाग द्वारा वन क्षेत्र में वन्यजीवों की गणना का काम किया जा रहा है. जिसके अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर कैमरा ट्रेप लगाकर वन जीवों को कैमरे में कैद किया गया. वहीं इस क्षेत्र में 50 से अधिक तेंदुआ, लेपर्ड के फोटो प्राप्त किए गए हैं,यही नहीं इस क्षेत्र में विशेष सर्वेक्षण भी किया गया.इसी सर्वेक्षण के दौरान वन विभाग को ये सफलता हाथ लगी है.
वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी देहरादून के वैज्ञानिकों के अनुसार, ये जीवाश्म डायनासोर के समकालीन स्टेगोडॉन प्रजाति के हाथी का जबड़ा है. वैज्ञानिकों के अनुसार, ये 50 लाख साल से अधिक पुराना है. कार्बन डेटिंग से जीवाश्म की उम्र की जानकारी मिली है.
अध्ययन के बाद वैज्ञानिकों ने बताया कि ये हाथी के पूर्वजों के दाईं ओर का जबड़ा का हिस्सा है और करीब 50 लाख साल पुराना है. वैज्ञानिक भाषा में इसे स्टेगोडॉन कहते हैं.
सहारनपुर के मुख्य वन संरक्षक ने बताया कि जो 50 लाख वर्ष पहले स्टेगोडॉन के दांत होते थे. वे 12 से 18 फिट लम्बे होते थे, जो आज विलुप्त हो गए हैं. इसका सर्वे हमने वाडिया इंस्टीट्यूट से करवाया है. आगे उन्होंने बताया कि यह दुर्लभ हाथी के दांत है और इसकी कोई कीमत नहीं है, ये अमूल्य है. विरेंद्र जैन ने कहा कि आज का हाथी भी उसी का एक रूप है जिसमें धीरे-धीरे बदलाव आए हैं.
माना जा रहा है कि हाथी के पूर्वज का इतना पुराना जीवाश्म उत्तर भारत में शायद ही कहीं मिला होगा.वही इस क्षेत्र में तो ये पहली बार रिपोर्ट हुआ है.