US सांसदों ने CAATSA पर भारत के पक्ष में लिया फैसला

विस्तारवादी चीन के रवैये से पूरी दुनिया परेशान है। छोटे व कमजोर पड़ोसी देशों पर चीन लगातार अपना रौब जमा रहा है। चीन को रोकने के लिए अमेरिका ने भारत के पक्ष में बड़ा फैसला किया है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (एनडीएए) में संशोधन के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। अब अमेरिकी सांसदों को भारत द्वारा रूस से हथियार खरीदने पर कोई आप्पति नहीं है। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने चीन से भारत की सुरक्षा को खतरा बताते हुए नेशनल डिफेंस अथॉराइजेशन एक्ट (एनडीएए) में संशोधन की मांग की थी, जिसे प्रतिनिधि सभा में मंजूरी दे दी गई है. 

इस संशोधन के तहत रो खन्ना ने ‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (CAATSA) के तहत भारत को प्रतिबंधों के दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव रखा था। 

क्या है CAATSA कानून?

इस कानून के तहत अमेरिका अपने विरोधी देशों से हथियारों की खरीदी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कदम उठाता है. अमेरिका CAATSA के तहत उन देशों पर प्रतिबंध लगाता है जिनका ईरान, उत्तर कोरिया या रूस के साथ लेनदेन है। इसे 27 जुलाई 2017 को पारित किया गया था. भारत ने रूस से एस-400 समेत कई रक्षा सौदे किए हैं जिसकी वजह से CAATSA के तहत अमेरिकी प्रतिबंधों का खतरा मंडरा रहा है। 

प्रतिनिधि सभा के मंजूरी के बाद भी यह प्रस्ताव अभी कानून का हिस्सा नहीं है. इसे कानूनी मान्यता देने के लिए प्रस्ताव को अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में पास कराना होगा। 

भारत के समर्थन में उतरे रो खन्ना

खन्ना ने संशोधन का प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, चीन की ओर से बढ़ रही आक्रामकता के मद्देनजर अमेरिका को भारत के साथ खड़ा होना चाहिए. इंडिया कॉकस का वाइस चेयरमैन होने के नाते मैं हमारे दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा हूं. मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि भारत, चीन सीमा पर भारत खुद की रक्षा कर सके। 

इस मौके पर रो खन्ना ने कहा, ‘‘अमेरिका को चीन के बढ़ते आक्रामक रूख के मद्देनजर भारत के साथ खड़ा रहना चाहिए.” उन्होंने कहा, ‘यह संशोधन अत्यधिक महत्वपूर्ण है और मुझे यह देखकर गर्व हुआ कि इसे दोनों दलों के समर्थन से पारित किया गया है. अमेरिका-भारत भागीदारी से ज्यादा महत्वपूर्ण अमेरिका के रणनीतिक हित में और कुछ भी इतना जरूरी नहीं है.’ रत के पक्ष में रो खन्ना के इस कदम को भारत, अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को अमेरिका के राजनीतिक समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। 

रूस को क्या होगा लाभ 

यूक्रेन युद्ध के बाद से डेमोक्रेट्स और रिपब्लकिन के कुछ वर्गों ने CAATSA का इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी ताकि रूस को आर्थिक तौर पर चोट पहुंचाई जा सके।  भारत ने रूस से एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली (S-400 Missile System) खरीदा था. इसके बाद से CAATSA के तहत इस एक्ट के तहत कार्रवाई पर विचार किया जा रहा था। भारत ने एस4-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए अक्टूबर 2018 में रूस के साथ पांच अरब डॉलर का सौदा किया था. उस समय ट्रंप प्रशासन ने चेतावनी भी दी थी की भारत को इस सौदे से लेकर प्रतिबंधों का सामना भी करना पड़ सकता है। अब प्रस्ताव में संशोधन के बाद रूस को इस मोर्चे पर राहत मिल जाएगी. भारत बिना किसी चिंता के रूस के साथ कारोबार कर पाएगा।