पीएम मोदी के जन्मदिन पर लगी करीब 2.5 करोड़ लोगों को वैक्सीन, विपक्ष लगा रहा है आरोप

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को मनाया गया. देश के लगभग सभी नेताओं ने अपने-अपने तरीके से प्रधानमंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी. हालांकि 17 तारीख को प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर पूरे देश में करीब 2.5 करोड़ लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाईं गयी. इसे सरकार की एक बड़ी कामयाबी और एक रिकॉर्ड के तौर पर देखा जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन का गिफ्ट बताया, लेकिन अब इस रिकॉर्ड को लेकर विवाद शुरू हो या है.

वैक्सीनेशन पर मोदी सरकार को मिली इस उपलब्धि को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गाँधी ने कहा कि आशा है और दिनों में भी वैक्सीन की दो करोड़ से अधिक डोज दी जाएगी. अपने देश को इसी रफ़्तार की ज़रूरत है.  इसी के बाद से ही आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया.

शरद पवार की पार्टी एनसीपी (NCP) का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर यह रिकॉर्ड बनाने के लिए 15 से 20 दिनों पहले ही वैक्सीनेशन की डोज में कमी करने की शुरुआत हो गई थी. एनसीपी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) ने यह आरोप लगाया है.

“15-20 दिन से तैयारी कर रही थी सरकार, पहले देती तो ज्यादा फायदा होता’

नवाब मलिक ने रिकॉर्ड वैक्सीनेशन से जुड़े अपने बयान में कहा, ” पीएम मोदी के जन्म दिन के लिए वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड बनाया गया है. करीब पौने तीन करोड़ लोगों को वैक्सीन की डोज देने की बात कही जा रही है. अगर कल यह वैक्सीनेशन पौने तीन करोड़ लोगों का हो सकता है तो आगे भी यानी आज, कल और महीने भर भी ऐसा क्यों नहीं हो सकता, लेकिन इसके लिए सरकार ने 15-20 दिन पहले से ही तैयारी की थी . अगर पहले ही लोगों को वैक्सीन दी गई होती तो उन्हें इसका ज्यादा फायदा होता. किसी भी व्यक्ति के गौरव को बढ़ाने के लिए इस तरह का कार्यक्रम करना सरासर नाइंसाफी है. ”

पीएम मोदी ने विपक्ष के आरोप पर दिया जाएगा 

18 सितंबर, यानि कि अपने जन्मदिन के एक दिनबाद प्रधानमंत्री मोदी ने हेल्थवर्कर्स से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये बात की और रिकॉर्ड वैक्शीनेशन पर हेल्थवर्कर्स, नर्स और डॉक्टरों को बधाई दी. पीएम मोदी ने इस मौके पर कांग्रेस पर भी निशाना साधा और कहा कि एक दिन में 2.5 करोड़ से ज्यादा वैक्सीनेशन के बाद कोविड-19 टीकों के दुष्प्रभाव के तौर पर बुखार आने को लेकर चर्चा हो रही है, लेकिन उनके जन्मदिन पर जब 2.5 करोड़ टीके लगाए गए तो एक राजनीतिक दल को बुखार आ गया, इसका कोई लॉजिक है क्या?

आपको बता दें कि  को-विन डैशबोर्ड के मुताबिक 17 सितंबर को बिहार में 29,93,113 वैक्सीन डोज दी गई. इसमें 22,04,298 पहली डोज व 7,88,815 दूसरी डोज शामिल है. वहीं कर्नाटक में 29,27,968 वैक्सीन डोज लोगों को दी गई. जबकि उत्तर प्रदेश में 27,48,899 वैक्सीन डोज लोगों को दी गई. को-विन डैशबोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक वैक्सीन 17 सितंबर को बिहार में लगाई गई.