जगदीप धनखड़ बने देश के नए उपराष्ट्रपति, जानिए राजस्थान के गांव से उप राष्ट्रपति भवन तक का उनका सफर

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ देश के नए उपराष्ट्रपति होंगे। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी और विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को हराया। धनखड़ को 528 वोट मिले। इसमें से 15 वोट अमान्य रहे। वहीं मार्गरेट अल्वा को कुल 182 वोट मिले।  इस तरह धनखड़ ने विपक्ष के उम्मीदवार को 346 मतों के अंतर से हराया। धनखड़ अब एम वेंकैया नायडू की जगह देश के नए उपराष्ट्रपति होंगे। धनखड़ के उपराष्ट्रपति बनने पर पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेताओं ने बधाई दी। उनके उपराष्ट्रपति बनने पर दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में जश्न मनाया गया।

कौन हैं जगदीप धनखड़

राजस्थान के झुंझुणूं जिले में एक सुदूर किठाना गांव में कृषि परिवार में जन्मे जगदीप धनखड़ का उपराष्ट्रपति तक का सफर बेहद दिलचस्प है। जगदीप धनखड़ साल 1989 में जनता दल पार्टी के सांसद के तौर पहली बार राजस्थान के झुंझुणूं जिले से संसद पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने संसदीय कार्यमंत्री के तौर पर अपनी सेवाएं दी। 1993 में वे अजमेर जिले के किशनगढ़ से राजस्थान विधानसभा पहुंचे। साल 2019 में उन्हें केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे हैं जगदीप धनखड़

जगदीप धनखड़ ((Jagdeep Dhankhar) ) को 2019 में पश्चिम बंगाल (West Bengal) के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया था. उन्होंने एनडीए (NDA) के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में उनके नाम की घोषणा के बाद 17 जुलाई को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया था. भारत के उपराष्ट्रपति, जो देश में दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है, का चुनाव एक निर्वाचक मंडल के माध्यम से किया जाता है जिसमें राज्यसभा और लोकसभा के सदस्य होते हैं. देश के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के सभापति भी होते हैं.

नए उपराष्ट्रपति 11 अगस्त को शपथ लेंगे

नए उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान आज सुबह 10 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे संपन्न हुआ. शाम छह बजे के बाद मतगणना शुरू हुई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना वोट डालने वाले पहले नेताओं में से थे. केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी वोट डाला. पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह व्हील चेयर पर वोट डालने पहुंचे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी अन्य सांसदों के अलावा वोट डाला. मौजूदा उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू का कार्यकाल समाप्त होने के एक दिन बाद देश के अगले उपराष्ट्रपति 11 अगस्त को पद की शपथ लेंगे.

संघर्ष भरा रहा जीवन

धनखड़ की शादी 1979 में सुदेश धनखड़ के साथ हुई। दोनों के दो बच्चे हुए। बेटे का नाम दीपक और बेटी का नाम कामना रखा। लेकिन ये खुशी ज्यादा दिन नहीं रही। 1994 में जब दीपक 14 साल का था, तब उसे ब्रेन हेमरेज हो गया। इलाज के लिए दिल्ली भी लाए, लेकिन बेटा बच नहीं पाया। बेटे की मौत ने जगदीप को पूरी तरह से तोड़ दिया। हालांकि, किसी तरह उन्होंने खुद को संभाला। महज 14 साल के बेटे के खोने का गम आज भी धनखड़ भूल नहीं पाए।