विकास दूबे पर गिरी प्रशासन की गाज, उसी जेसीबी से टूट घर जिससे रोका था रास्ता

कानपुर में हुई घटना में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद हो जाने के बाद ये सवाल उठने लगा कि आखिरकार विकास दूबे का पुलिस महकमें से किसने साथ दिया? ये सवाल तब खड़ा हुआ जब रात में विकास दूबे को गिफ्तार करने पहुंची पुलिस की टीम पर ही सुनियोजित तरीके से हमला कर दिया और आठ जवानों की जान चली गयी.

दरअसल विकास दूबे के खिलाफ राहुल तिवारी नाम के व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज करवाई. इस एफआईआर के बाद पुलिस के जवान विकासदूबे के घर पहुंचे तो उसने जवानों के साथ बदसलूकी कर वापस भेज दिया. इसके बाद इसकी सूचना उच्च अधिकारियों को दी गयी और रात में विकास दूबे के घर पुलिस ने धावा बोलने का प्लान बनाया.. और रात में टीम निकल भी  गयी.. लेकिन पुलिस वालों का ये प्लान किसी भेदी ने विकास दूबे तक पहुंचा दिया.. विकास चौकन्ना हो गया और वहां भागने के बजाय अपने गुर्गों को हथियारों के साथ घर की छत्त पर खड़ा कर दिया.

इधर पुलिस की टीम गाँव में घुस चुकी थी और इसकी जानकारी विकास दूबे को भी थी. उसने पुलिस का रास्ता रोकने के लिए रस्ते में जेसीबी मशीन खड़ी कर दी और इसके बाद पुलिस के जवान पैदल ही दूबे के घर की ओर चलने के लिए मजबूर हो गये.. जैसे ही दूबे के घर के पास जवान पहुँचते हैं तीन तरफ एक साथ गोलियां चलती है और जवान अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागते हैं. कुछ जवान मौके पर ही शहीद हो गया और कहा जा रहा है कि जो जवान जान बचाने के लिए आस पास के घरों में छुपे हुए थे उन्हें बाहर निकाल कर दूबे ने गोली मार दी.. अब सवाल यही खड़ा हो रहा है कि आखिरकार पुलिस के इस ऑपरेशन की सूचना दूबे तक किसने पहुंचाई.

जानकारी के अनुसार विकास दुबे की कॉल डिटेल में कई पुलिस वालों के नंबर मिले हैं. पता चला है कि मुठभेड़ की रात तक 24 घंटे में इन लोगों से विकास दुबे की कई बार बातचीत हुई. इस संबंध में पुलिस पूछताछ कर रही है. माना जा रहा है कि जल्द ही इसमें बड़ी गिरफ्तारियां हो सकती हैं. शक के आधार पर चौबेपुर थाने के एक दरोगा, सिपाही और होमगार्ड के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है. कॉल डिटेल आने के बाद कड़ी कार्रवाई संभव मानी जा रही है.

वहीँ दूबे की तलाश में पुलिस की 20 टीमें अलग-अलग इलाकों में दबिश दे रही हैं. वहीँ उत्तर प्रदेश पुलिस ने विकास दुबे के बिठुर स्थित आवास घर को गिराने का फैसला लिया है. जिसके बाद कानपुर स्थित यह घर गिराया जा रहा है. ऐसा नही है कि परिवार में सिर्फ विकास दूबे ही क्रिमिनल है बल्कि विकास दूबे के साथ-साथ उसके तीन भाई अतुल दुबे, दीपू दुबे और संजय दुबे भी इसी थाने में हिस्ट्रीशीटर के तौर पर दर्ज हैं. कानपुर में इस मुठभेड़ के बाद विकास दुबे यूपी पुलिस का मोस्ट वॉन्टेड बन गया है.

हालाँकि कानपुर के जिस घर पर इस घटना का अंजाम दिया गया था. प्रशासन ने उसी जेसीबी से उस घर को तोड़ दिया है जिससे विकाश दूबे ने रास्ता रोका था. इसके साथ ही ट्रक्टर, चार पहिया वाहन को भी नष्ट कर दिया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक विकास दूबे के सम्पत्ति भी जब्त हो सकती है.