पतंजलि ने तैयार कर ली है कोरोना की दवा! जानिये इससे जुडी महत्वपूर्ण बातें

योगगुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि ने दावा किया है कि कोरोना वायरस को मात देने वाली दवा तैयार कर ली है. मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वामी रामदेव ने बताया  कि दुनिया इसका इंतजार कर रही थी कि कोरोना वायरस की कोई दवाई निकले. आज हमें गर्व है कि कोरोना वायरस की पहली आयुर्वेदिक दवाई को हमने तैयार कर ली है. इस आयुर्वेदिक दवाई का नाम कोरोनिल है.

आइये पतंजलि द्वारा तैयार की गयी इस दवा के बारे में महत्वपूर्ण बातें जानते हैं.

1..मंगलवार को कोविड19 की आयुर्वेदिक दवा को लॉन्च किया. इसे कोरोनिल टैबलेट नाम दिया गया है. बाबा रामदेव का कहना है कि यह कोरोना के लिए पहली आयुर्वेदिक क्लीनिकली कंट्रोल्ड, रिसर्च, प्रमाण और ट्रायल बेस्ड दवा है.

2..कोरोनिल किट 545 रुपए में उपलब्ध होगी. योगगुरु रामदेव के मुताबिक, इस दवाई को बनाने में सिर्फ देसी सामान का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें मुलैठी-काढ़ा समेत कई चीज़ों को डाला गया है. साथ ही गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वासरि का भी इस्तेमाल किया गया.

3..कंपनी का दावा है कि कोरोना मरीजों के लिए यह दवा कारगर होगी। कारण कि क्लिनिकल ट्रायल के दौरान ही कोरोना मरीजों पर इस दवा ने सकारात्मक असर दिखाया है। आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक, यह दवा दिन में दो बार, सुबह और शाम को ली जा सकती है।

4…पतंजलि के दावे के अनुसार दवा में मौजूद अश्वगंधा कोरोना इंसानी शरीर की स्वस्थ्य कोशिकाओं में घुस नहीं पाता। वहीं, इसमें मौजूद गिलोय कोरोना संक्रमण को रोकता है। तुलसी कोरोनो वायरस के आरएनए RNA पर अटैक करती है और उसे मल्टीप्लाई होने यानी संख्या बढ़ाने से रोकती है।

5…वहीँ प्रेस कांफ्रेस के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि रामदेव ने कहा कि आयुर्वेद से बनी इस दवाई को अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी, इसके अलावा सोमवार को एक ऐप लॉन्च किया जाएगा जिसकी मदद से घर पर ये दवाई पहुंचाई जाएगी.

6..कोरोना मरीजों के लिए आयुवेर्दिक दवा कोरोनिल को पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, जयपुर ने मिलकर तैयार किया है। फिलहाल इस दवा का उत्पादन हरिद्वार की दिव्य फार्मेसी और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड कर रहे हैं

बाबा रामदेव ने कहा कि जब कहीं क्लिनिकल कंट्रोल ट्रायल होता है तो कई अप्रूवल लेने होते हैं। इस दवा के लिए भी तमाम नेशनल एजेंसियों और नियामकों से अप्रूवल लिए गए। इस दवा का ट्रायल 280 मरीजों पर किया गया और सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।

वैसे ये एक अच्छी खबर हैं पूरे विश्व के लिए…. हालाँकि आने वाले दिनों ये साफ़ तौर पर देखने को मिलेगा कि पतंजलि की ये दावा कितना असरदार साबित होती है.