7 करोड़ लोगों तक पहुँचने लगा पीने का पानी! एक साल में ही सरकार की बड़ी उपलब्धि

साल 2019 को लालकिले के प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने जल-जीवन मिशन की शुरुवात की घोषणा की थी तब किसी को उम्मीद नही थी कि ये मिशन तेजी से काम करेगा और लोगों तक राहत बनकर पहुंचेगा..

आपको जानकर हैरानी होगी कि देश के कई राज्यों के कई इलाकों में घर के पानी के लिए महिलाओं को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. आजादी के 75 साल के बाद भी महिलाओं को पानी लेने के लिए तालाब और नदियों का सहहरा लेना पड़ता रहा है. लेकिन मोदी सरकार द्वारा शुरू किये गये जन जीवन मिशन का असर अब गाँवों में देखने को मिल रहा है.

आंकड़ों की माने तो 2 साल पूरे होने में भी 5 महीने का वक्त बाकी है लेकिन 7 करोड़ ग्रामीण घरों में साफ पीने का पानी मिलने लगा है. मोदी सरकार का लक्ष्य है 2024 तक देश के हर घर में नल का कनेक्शन पहुंचाने का. जल जीवन मिशन के आंकड़ों के मुताबिक देश भर में 19 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण घर हैं. इनमें से सिर्फ सवा तीन करोड़ यानि 16.86 फीसदी घरों में 15 अगस्त, 2019 तक नल का कनेक्शन पहुंच पाया था. लेकिन साफ जल के साथ हर घर नल के ऐलान के बाद अब तक 7 करोड़ यानि 36.48 फीसदी से ज्यादा ग्रामीण घरों नल के कनेक्शन पहुंच चुका है.

महिला दिवस यानि 8 मार्च 2021 के दिन जल जीवन मिशन के आंकड़े सामने आये इसके बाद तो  मिशन से जुड़े आला अधिकारी इस योजना को सफल बनाने मे लगे तमाम स्टेकहोल्डर्स की पीठ थपथपाने लगे. जल जीवन मिशन की योजना को सफल बनाने वाले अधिकारियों ने कहा कि ये उन तमाम महिलाओं को सलाम है जो अपने परिवार, अपने घर और अपने बच्चों के लिए घर से बाहर निकल कर पानी लाने को मजबूर थीं. इसलिए हर घर साफ पीने का पानी नलों में मिलने लगे तो संदेश साफ हो गया है कि जल जीवन मिशन लोगों की जिंदगी ही बदलने मे लगा हुआ है.

जल जीवन मिशन से जुडी ख़ास बातें!

मिशन प्रारंभ होने के समय से जल जीवन मिशन के अंतर्गत 3.77 करोड़ से अधिक परिवारों को नल के पानी का कनेक्शन दिया गया यानी 7 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों (36.5 प्रतिशत) को अपने घरों में स्वच्छ जल मिलना शुरू हो गया है.

एक तिहाई से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से पीने का पानी मिल रहा है. 52 जिलों, 670 ब्लॉक, 42,100 पंचायतों तथा 81,123 गांवों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति अपने घरों में निश्चित रूप से नल के पानी की सप्लाई मिल रही है.

गोवा 100 फीसदी नल के पानी का कनेक्शन देने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. दूसरे स्थान पर तेलंगाना है.

गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना में स्कूलों में पाइप का जल कनेक्शन केंद्र तथा राज्य सरकारों के प्रयासों से 100 प्रतिशत सफल हुआ है.

पांच राज्यों यानी गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में 100 प्रतिशत पेयजल कनेक्शन दिया गया है. कई राज्य ऐसे हैं जो 100 प्रतिशत तक पहुंचने की स्थिति में हैं.

अभी तक 5.43 लाख से अधिक स्कूलों तथा 4.86 लाख से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों को पाइप से पेयजल सप्लाई मिलने लगी है. अब तक की प्रगति को सराहते हुए यह अभियान 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया गया है.

दरअसल हम सभी जानते है कि जल ही जीवन है लेकिन जब जल दूषित हो जाए तो ये जीवन के खतरनाक साबित होता है.. हमारे देश में प्रदूषित पानी पीने के लिए बड़ो संख्या में मजबूर है.. ग्रामीण इलाकों में भी स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरुवात की थी.