जब पहली बार घर तक पहुंची पानी की पाइप लाइन, लोगों के चेहरे पर छाई ख़ुशी

21सवी सदी में भारत के कई ऐसे राज्य या जिले हैं जहाँ पीने का पानी आज भी उपलब्ध नही है. इसके लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा कई योजनायें चलाई जा रही है. प्रधानमंत्री की जल-जीवन मिशन योजना इन्हीं योजनाओं में से एक है.. जिसका मकसद उन इलाकों में पानी पहुचाना है जहां आज तक कोई पानी की पाइप लाइन नही है और जहाँ हर जगह जमीन के नीचे से पानी निकाल पाना संभव नही है. यहाँ के लोगों को पीने के पानी की व्यवस्था करने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है..

हिमाचल प्रदेश का लाहुल-स्पीति जिला.. जहाँ के लोगों को पानी भरने के लिए कई किमी तक चलना पड़ता था.. जिनके पास पैसे थे वो खच्चर से पानी मंगवा लेते थे गरीब लोग तो खुद ही पानी ढोया करते थे… लेकिन अब इनके दिन फिर गये हैं… चेहरे खुश हो गये हैं. क्योंकि इनके भी घर के सामने अब पानी की पाइप लाइन पहुँच गयी है ना सिर्फपाइप लाइन पहुंची है बल्कि नल से अब पानी भी आने लगा है. चीन सीमा से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर दुनिया के सबसे ऊंचे (15,256 फीट) मतदान केंद्र टशीगंग में भी पानी के लिए मीलों का पैदल सफर नहीं करना पड़ेगा.

एक साल पहले शुरू किये गये प्रधानमंत्री की जल-जीवन मिशन योजना की शुरुआती  सफलता दिखाई देने लगी है. शुरुवात के चरण में देश के जो जिले लक्ष्य तक पहुंचने के निकट हैं, या पहुंच चुके हैं, उनमें दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाला लाहुल-स्पीति भी एक है. यहाँ के लोगों के लिए पानी एक बड़ी समस्या था.. ठंड के दिनों में बर्फ केजम जाने से ये इलाका देश से कट जाता था .. ऐसे में ये लोग बर्फ को ही पिघला कर पानी का इंतजाम किया करते थे.. गर्मियों में तो ये लोग पानी भरने के लिए कई किमी पैदल चला करते थे.. 31 हजार 564 जनसंख्या वाले स्पीति ब्लॉक में 13 पंचायतें हैं। इनमें अब हर घर में नल कनेक्शन है और पानी भी पहुँचने लगा है. जल शक्ति विभाग की मानें तो चिचम और टशीगंग जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हर घर में जल पहुंचना सबसे चुनौतीपूर्ण था, लेकिन ग्रामीणों के सहयोग से विभाग इसे कर पाने में सफल हो पाया.

पानी के पाइप लाइन के पहुँचने से खुश हुए ग्रामीणों का कहना है अब हमें बर्फ पिघलाकर पानी जमा करने की जरूरत नहीं रहेगी। गर्मी में भी पहले जैसी दिक्कत नहीं झेलनी पड़ेगी. घर में लगे नल ने हमारी सारी समस्या दूर कर दी है.वैसे  अभी भी कई जिलों को सरकार की योजनाओं के पहुँचने का इतंजार हैं.. लेकिन जिस रफ़्तार से काम चल रहा है उन्हें भी ज्यादा दिन इन्तजार नही करना पड़ेगा..