प्रदूषण रोकने में हर कोई ऐसे बन सकता है भागीदार

जैसा की आप सब को पता है कि प्रदूषण ना सिर्फ भारत की ब्लकि पूरी दूनिया के लिए एक ऐसी समस्या बनती जा रही है जो वातावरण के साथ-साथ..हमारे  स्वास्थ्य पर भी अपना बुरा असर डाल रही है..तो चलिए आज के दिन जानते है कुछ ऐसी बाते जिसको कर आप भी प्रदूषण रोकने में अपना योददान दे सकते है..

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अगर आप धूम्रपान बंद कर सकते है तो इसे जल्द से जल्द कर दें..क्योंकि इससे निकलने वाले धुए हमारे गले के साथ साथ वातावरण को भी नुकसान पहुंचाता है..

अगर आप सिगरेट लेते है तो सिगरेट के टुकड़ों को जमीन पर न फेंके। क्योंकि सिगरेट के ये टुकड़े बायो डि ग्रेडेबल bio de gradable यानी आसानी से नष्ट होने वाले नहीं होते हैं और इनमें बेहद जहरीले घुलनशील रसायन होते हैं। बता दें कि जमीन पर फेंका गया सिगरेट का टुकड़ा 25 साल तक बना रह सकता है, जो पर्यावरण में हानिकारक रसायनों का रिसाव करता है।

जितना मुमकिन हो उतना पेट्रोल-डीजल के जगह पर इलेक्ट्रिक या हाइब्रिड कार का इस्तेमाल करें। अपनी कार का सही तरीके से रख-रखाव करें। ध्यान रखें कि कहीं यह ज्यादा धुआं तो नहीं छोड़ रही। जब भी संभव हो पैदल चलें या साइकिल का इस्तमाल करें।

अपशिष्ट, विशेष रूप से रसायनों और प्लास्टिक के कचरे को खुले में जलाने से बचे।

ऐसे चीजों का ज्यादा यूज करें जो ज्यादा टिकाऊ हो और जिसे आप रीयूज, रिड्यूस और रीसायकल कर सकें..

घर के आंगने में पत्तियों और रसोई के कचरे से खाद बनाना शुरू करें। इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

हवा और धूप से मिली ऊर्जा का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें। गैस या बिजली के उपयोग को कम करें। वॉशिंग मशीन के ड्रायर के बजाए कपड़े खुले में सुखाएं। एयर कंडीशनर या हीटर का उपयोग कम से कम करें।

कई भी जाए पानी को संरक्षित करने के उपाय तलाशें।

उन उत्पादों का उपयोग करें, जो ईको-फ्रेंडली हों या बायोडिग्रेडेबल सामग्रियों से बने हों।

प्लास्टिक से बचें। शॉपिंग करें तो हमेशा एक बैग लेकर जाएं।

ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाएं। इससे हवा साफ रहेगी, ऑक्सीजन मिलेगी।

कीटनाशक और जीएमओ का उपयोग बिल्कुल न करें।