क्या और कितना खतरनाक होता है “कालबैसाखी”? पढ़े इसके बारे में सब कुछ

ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, असम सहित पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के साथ-साथ बांग्लादेश के कई राज्य हर साल काल बैसाखी की चपेट में आते है और इससे हर साल बड़े पैमाने पर जान-माल का भारी नुकसान होता है. इस साल भी अब ये इन राज्यों पर पहाड़ बन कर टूटने वाला है. मौसम विभाग ने इसको लेकर अलर्ट भी जारी कर दिया है. ये अलर्ट ओडिशा के लिए जारी किया गया है. आईमडी ने अगले दो दिनों के लिए ओडिशा के बालेश्वर, भद्रक, जाजपुर, केन्दुझर, मयूरभंज, केन्द्रापड़ा, जगतसिंहपुर, गंजाम में ‘कालबैसाखी’ की संभावना जताई है. लेकिन यहां ये सवाल उठता है कि आखिर ‘कालबैसाखी है क्या, ये कैसे आता है और क्यों आता है. इसके आने के पीछे कारण क्या है..इससे क्या-क्या नुकसान होते है..तो चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से….

What's it like to experience a cyclone? - Quora

जैसा की नाम से साफ है कि मौसम जब काल बन जाए तब उसे ‘कालबैसाखी’ कहते हैं और भी सरल भाषा में कहे तो काल बैसाखी मतलब…वैशाख में आने वाली आपदा. इससे सबसे ज्यादा भारत और बांग्लादेश के इलाके प्रभावित होते हैं. ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इसे कालबैसाखी कहते हैं जबकि असम में बोरदोईसिला कहते हैं.

भारत में जब मौसम अपना रौद्र रूप धारण करता है, तो इस दौरान चलने वाली हवाओं की रफ्तार हरिकेन यानी भीषण तूफान की शक्ल ले लती है तब ये विनाश का कारण बनती है, देखते देखते ही ये टोरनैडो यानी बवंडर की शक्ल ले लेते हैं. ऐसी घटनाएं तब होती हैं जब हवाओं में नमी बढ़ जाती है और तापमान भी बढ़ रहा होता है. हर साल इस हिंसक मौसम के कारण कई लोग अपनी जान गवां देते है.

कोरोना संकट के बीच अब दिखेगा 'कालबैसाखी' का तांडव, देश के इन राज्यों में आ  सकता है बवंडर | Covid 19: Kalbaisakhi brings high winds, Thunderstorm rain  to East India, Be Alert,

देश के कई हिस्सों में अभी से ही भीषण गर्मी देखने को मिल रही है और तापमान बढ़ता जा रहा है. सबसे ज्यादा तापमान राजस्थान के चुरू में दर्ज किया गया, यहां 29 मार्च को 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि मार्च के महिने में अब तक का सर्वाधिक अधिकतम तापमान है. इससे पहले 31 मार्च 2017 को मार्च महिने में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. वही इसके बाद गर्मी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य ओडिशा है. यहां का पारा 41 डिग्री के पास पहुंच गया है. इसको लेकर ओडिशा के कई जिलों में अगले दो दिनों के लिए ‘हीटवेव’ की चेतावनी तक जारी कर दी गई है.

हीटवेव आमतौर पर भारत में मार्च और जून के बीच चलती है. हीटवेव तब होता है जब किसी जगह पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जाता है और दिन का तापमान सामान्य तापमान से 4 से 5 डिग्री अधिक होता है, तो मौसम विभाग इसे ‘हीटवेव’ घोषित कर देता है. जबकि अगर अधिकतम तापमान 45 डिग्री के पार चला जाता है या सामान्य से 6 डिग्री से अधिक होता है तो इसे ‘गंभीर हीटवेव’ कहा जाता हैं.

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आईएमडी का अनुमान है कि इस बार ओडिशा देश का सबसे गर्म राज्य हो सकता है. हालांकि इस बार की गर्मी की मार राजधानी दिल्ली पर भी अभी से ही देखने को मिल रहा है. यहां होली के दिन तापमान ने 75 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. होली के दिन दिल्ली में 40.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ. ये सामान्य से आठ डिग्री अधिक था. इससे पहले 31 मार्च 1945 को दिल्ली में 40.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था.