क्या है ड्राई रन? इससे कोरोना वैक्सीनेशन में क्यों होगा ये बड़ा फायदा?

आज से देश भर में कोरोना के टीके का ड्राई रन शुरू हो गया है. पूरे देश में 116 जिलों के 259 सेंटरों पर टीके का ड्राई रन किया जा रहा है. हर राज्य की राजधानी में कम से कम तीन सेंटर्स पर ड्राई रन किया जाना है. इसके तहत आज दिल्ली के तीन सेंटरों पर ड्राई रन चल रहा है. दिल्ली में ड्राई रन के लिए साउथ वेस्ट जिले में द्वारका के वेंकटेश्वर हॉस्पिटल को चुना गया है. इसके साथ ही सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में दरियागंज डिस्पेंसरी को चुना गया है. इसके आलावा शहादरा जिले में दिलशाद गार्डन के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में ड्राई रन किया जा रहा है. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने खुद दिल्ली के जीटीबी अस्पताल जाकर ड्राई रन का जायजा लिया.

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इस बीच हम आपको उन सवालों के जवाब देने जा रहे है जो ड्राई रन को लेकर बहुत सारे लोगों के मन में उठ रहे है..जैसे ड्राई रन आखिरकार होता क्या है? इसकी प्रक्रिया क्या है और इस प्रक्रिया के बाद क्या किया जाएगा?…इससे क्या फायदा होगा..जैसे तमाम सवाल है जिसका जवाब हम आपको इस वीडियो में बताने जा रहे है. तो सबसे पहले आपको बता दे कि ड्राई रन क्या होता है?

तो जान ले कि ड्राई रन एक तरह की प्रकिया होती है, जिसमें टीकाकरण के सारे प्लान का प्रैक्टिकल तरीके से टेस्ट किया जाता है.ड्राई रन के दौरान असली वैक्सीन की जगह पर किसी दूसरी दवा या खाली शीशियों को ठीक उसी प्रकार से ट्रांसपोर्ट करना होगा जैसे असली वैक्सीन को किया जाना है. फिर उन दूसरी वैक्सीन या खाली शीशियों को हॉस्पिटल में वैसे ही कोल्ड स्टोर में रखा जाएगा जैसे असली वैक्सीन को किया जाना है. इस दौरान वैक्सीन के ट्रांसपोर्टेशन से लेकर वैक्सीन लगाए जाने तक की सूचना को ऑनलाइन दर्ज करने के सिस्टम को परखा जाएगा.

आसान शब्दों में समझे तो ड्राई रन में वैक्सीन डोज देने को छोड़कर वैक्सीनन के कोल्ड स्टोरेज से लेकर डमी वैक्सीन देने तक की पुरी प्रक्रिया का लाइव टेस्ट होगा और हर एक चीज परखी जाएगी. उसके बाद उसका फीडबैक लिया जाएगा, ये देखा जाएगा कि कहां क्या कमी रह गई है.

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इस ड्राई रन के बाद एक फीडबैक रिपोर्ट तैयार की जाएगी. जिसका रिव्यू स्टेकट लेवल पर बनी टास्के फोर्स करेगी. ड्राई रन के जरिए यह टेस्ट किया जाएगा कि सरकार ने टीकाकरण का जो प्ला न बनाया है, वह असल में कितना सही है.

इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा वैक्सीनेशन को लेकर सारी मंशा या किसी तरह की बाधा अगर आती है तो उसे कोरोना की वैक्सीन लगाने से पहले ही दूर कर दिया जाएंगा. अगर ड्राई रन में सारी प्रक्रिया सही रहती है तो प्लान के हिसाब से ही जनवरी में कोरोना वैक्सीनेशन की प्रक्रिया लॉन्चप कर दी जाएगी.