जलवायु परिवर्तन पर प्रधानमंत्री मोदी से क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन! किस-किस मुद्दे पर हुई बात

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अमेरका के दौरे पर हैं. प्रधानमंत्री का ये अमेरिकी दौरा कई मायनों में बड़ा ख़ास है. पहली बार प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के नए राष्ट्रपति जो बायडेन से मुलाकात हुई. कोरोना काल में ये प्रधानमंत्री मोदी की दूसरी विदेश यात्रा है. भारत-अमेरिका के प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति  के बीच मुलाक़ात हमेशा चर्चाओं में रही है. 24 सितम्बर को जब प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच हुई मुलाक़ात में क्या बात हुई? आर्थिक और पर्यावरण की दृष्टी से दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई! आइये रिपोर्ट में यही पढ़ते हैं.

आपको बता दें कि दोनों देश के नेताओं के बीच करीब 90 मिनट की बातचीत हुई. इस दौरान दोनों नेताओं ने कोविड-19 एवं जलवायु परिवर्तन, व्यापार और हिंद-प्रशांत सहित प्राथमिकता वाले कई मुद्दों पर चर्चा की. राष्ट्रपति बायडेन ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि वे आज अमेरिका-भारत के संबंधों का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं. बायडेन ने भारत एवं अमेरिका के मीडिया के सामने कहा कि उनका काफी समय से यह मानना रहा है कि अमेरिका एवं भारत के संबंध वैश्विक चुनौतियों का समाधान निकालने में सहायता कर सकते हैं.

‘‘हमारे समझ जो सबसे कठिनतम चुनौतियां हैं उनका सामना करते हुए (हम) भारत एवं अमेरिका के संबंधों में एक नया अध्याय शुरू करने जा रहे हैं.’’ उन्होंने कहा कि यह कोविड-19 को समाप्त करने के हमारी साझा प्रतिबद्धता के साथ हो रहा है। मोदी, 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से सातवीं बार अमेरिका की यात्रा कर रहे हैं. बायडेन के साथ शुक्रवार को हुई बैठक को महत्वपूर्ण करार देते हुए मोदी ने कहा कि वे इस शताब्दी के तीसरे दशक में मिल रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने बायडेन से कहा, ‘‘यह दशक कैसा स्वरूप लेता है, इसमें निश्चित तौर पर आपका नेतृत्व महत्पूर्ण भूमिका निभाएगा. भारत और अमेरिका के बीच और मजबूत मित्रता के लिए बीज बो दिये गये हैं.’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘‘निश्चित रूप से हमारी भागीदारी उससे कहीं आगे हैं जितना महज हम कर पा रहे हैं. यह लोकतांत्रिक मूल्यों को स्थापित रखने की हमारी उन साझा प्रतिबद्धताओं, विविधता के प्रति हमारी वचनबद्धता, तथा हमारे पारिवारिक संबंधों के बारे में है जिनमें चालीस लाख भारतीय अमेरिकी शामिल हैं, जो प्रति दिन अमेरिका को और मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत हैं. ’’ उन्होंने ध्यान दिलाया कि अगले सप्ताह विश्व महात्मा गांधी की जयंती मनाएगा. उन्होंने कहा कि विश्व को आज उनके अहिंसा, सम्मान और सहिष्णुता के संदेश की जितनी आवश्यता है, उतनी शायद पहले कभी नहीं थी. इस पर मोदी ने कहा, ‘‘गांधीजी ट्रस्टीशिप की बात करते थे, जो हमारे ग्रह के लिए आने वाले समय में एक बहुत महत्वपूर्ण अवधारणा है.’’

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता पर राष्ट्रपति बायडेन ने कहा कि भारत को सुरक्षा परिषद का स्थाई सदस्य होना चाहिए. दोनों देशों के बीच आतंकवाद पर चिंता जताई और आतंकवाद के मुक़ाबले के मुद्दे पर और ज़्यादा सहयोग पर सहमति बनी. अफ़ग़ानिस्तान पर विस्तार से बातचीत हुई. अंतरिक्ष में सहयोग, ट्रेड को बढ़ाने और तकनीक साझा करने पर भी बातचीत हुई. वहीं क्वाड के नेताओं के साथ बैठक में पीएम मोदी ने हिस्सा लिया और यह पहली इन पर्सन बैठक हुई। इस बैठक मेंसमकालीन विषयों पर चर्चा हुई, अफ़ग़ानिस्तान पर, कोविड, वैक्सीन और उभरती तकनीक पर बात हुई.  पीएम ने ऐलान किया कि अक्टूबर के अंत तक 1 मिलियन डोज़ क्वाड देशों को भारत देगा। इस बैठक में जलवायु परिवर्तन और सौर ऊर्जा पर चर्चा हुई.  भारत ने बताया कि वो क्लीन हाइड्रोजन मिशन पर भी तेज़ी  से काम कर रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि  भारत अमेरिका के संबंधों में व्यापार एक महत्वपूर्ण पक्ष है और इस क्षेत्र में बहुत कुछ किए जाने की संभावना है.उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात से प्रसन्न हूं कि भारतवंशी अमेरिका की प्रगति में सक्रिय योगदान कर रहे हैं.‘’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी आगे ले जाने वाली शक्ति बन चुकी है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें व्यापक वैश्विक लक्ष्यों के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने के मकसद से अपनी प्रतिभाओं का उपयोग करना होगा.’’ मोदी ने 2014 एवं 2016 में बायडेन के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए कहा, ‘‘उस समय आपने भारत एवं अमेरिका के बारे में अपना दृष्टिकोण साझा किया था. मुझे प्रसन्नता है कि आप उस दृष्टकोण को साकार करने के लिए काम कर रहे हैं.’’