कब और किस बीमारी के लिए बनाया गया था पहला वैक्सीन?जानें टीका का इतिहास

जब किसी महामारी की बात होती है तब वैक्सीन यानी टीका का जिक्र होना लाजमी है. कोरोना महामारी को लेकर भी ऐसा ही है. देशभर के वैज्ञानिक और डॉक्टर्स मिलकर इसकी वैक्सीन बनाने में लगे हैं. महामारी और वैक्सीन का एक लंबा इतिहास है. ऐसे में आइए जानते वैक्सीन के इतिहास के बारे में..दुनिया में पहली बार किस रोग के लिए किसी वैक्सीन को पहली बार इस्तेामाल किया गया.

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कोरोना महामारी से पहले दुनिया “प्लेग, चेचक, हैजा, टाइफाइड, टिटनेस, रेबीज, टीबी, पोलियो” जैसी कई महामारियों से रू-ब-रू हो चुकी है. इन संक्रामक बीमारी की वजह से लाखों-करोड़ों लोगों की जानें जा चुकी है. काफी लंबे वक्त से किए जा रहे अध्ययनों और शोधों से ये बात सामने आई है कि किसी भी संक्रामक बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण बहुत ही प्रभावी और कारगर साबित होता है.

तो चलिए जानते है कब और किस बीमारी के लिए बना था पहला टीका

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1. 1796- चेचक दुनिया की पहली ऐसी बीमारी थी, जिसके वैक्सीन की खोज हुई. 1796 में अंग्रेज चिकित्सनक एडवर्ड जेनर ने चेचक के वैक्सीन का आविष्कार किया.
2- 1885-प्रसिद्ध फ्रेंच वैज्ञानिक लुई पाश्चर ने रेबीज के टीके का सफल परीक्षण किया.
3-1921: 1921 में टीबी की बैसिलस कैल्मेट-गुएरिन (BCG) वैक्सींन विकसित की गई, जिसके बाद टीबी एक लाइलाज बीमारी नहीं रही.
4. 1923 : डिप्थीरिया की बीमारी से बचने के लिए वैक्सीन बनाई गई।
5.1926 : टिटनेस की बीमारी से बचने के लिए वैक्सीन को विकसित किया गया.
6.1936 : यलो फीवर से बचने के लिए वैक्सीन बनाई गई.
7. 1944 : जापानी इनसेफेलाइटिक बुखार से बचाव के लिए वैक्सीन की खोज की गई.
8.1945 : पहली बार फ्लू वैक्सीन कैम्पेन शुरू किया गया था.
9. 1963 : खसरा के टीके को लाइसेंस मिला.
10.1969 : इसके बाद 1969 में रुबेला वायरस के टीके को भी मान्यता दे दी गई.
11.1986 : हेपाटाइटिस-B के रिकम्बिनेंट वैक्सिन को लाइसेंस दिया गया. यह हेपाटाइटिस B टीका रिकम्बिनेंट DNA विधियों से तैयार पहला मानव टीका था.
12.2009 : एच1एन1 के खिलाफ वैक्सीन बनाने में सफलता मिली.

इन आविष्कारों से आज करोड़ों लोग कई ऐसी घातक बीमारियों से ठीक हो चुके हैं और अपने जीवन का आंनद ले रहे है.