कहाँ से आता है व्रत में खाया जाने वाला सेंधा नमक? यहाँ जानिये पूरी जानकारी

हिन्दू जब भी व्रत रखते हैं तो वे एक नमक का इस्तेमाल करते हैं वो हैं सेंधा नमक.. लेकिन क्या आपको ये पता है कि जिस नमन का इस्तेमाल व्रत में करते हैं वो आता कहाँ से है? सेंधा नमक पाकिस्तान से आता है, सेंधा नमक सिर्फ पाकिस्तान में ही पाया जाता है.

सेंधा नमक को लाहौरी नमक, पिंक साल्‍ट, रॉक सॉल्‍ट या फिर हैलाइट के नाम से भी जाना जाता हैं. पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत में स्थित खेवड़ा नमक खदान से सेंधा नमक न‍िकलता है. यह माइन दुनियाभर में मशहूर है और जब कभी भी पर्यटक लाहौर आते हैं तो वो यहां पर जाना नहीं भूलते हैं. नमक कोह पहाड़ी पर स्थित यह खदान दुनिया की सबसे बड़ी नमक की खदान है.

भारत में सेंधा नमक की मांग बहुत है लेकिन पाकिस्तान से हमारे संबंध बिगड़ने से बहुत सारे सामानों के व्यापार पर असर पड़ा है. उसके बाद भी सेंधा नमक भरपूर मात्रा में आता रहा है. पाकिस्तानी मीडिया की मानें तो 50 के दशक में भारत और पाकिस्तान के बीच जो समझौता हुआ था. उसमें इस नमक की सतत आपूर्ति को लेकर भी करार हुआ था. अब पाकिस्तान से जो भी वस्तुएं व्यापार के तहत भारत आती हैं, उसमें 200 फीसदी शुल्क लगता है. उसके बाद भी सेंघा नमक का भारत आना बहुत सस्ता है. जानकारी के मुताबिक़ ये नमक केवल 02 रुपए किलो पाकिस्तान से भारत आता है. 200 फीसदी ड्यूटी के बाद भी ये भारत में व्यापारियों को 06 रुपए प्रति किलो के रेट में मिलता है. भारत में इस नमक की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का काम होता है.

सेंधा नमक को स्वस्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. ये नमक बिना रिफाइन हुआ होता है. इसमें कैल्शियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम पाया जाता है. जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है.  वहीँ पाकिस्तान के खेवड़ा से भी बड़ी, दुनिया में पहले नंबर पर ओनटारियो की सिफ्टो कनाडा सॉल्ट माइंस है. खेवड़ा नमक खान से हर साल करीब 4.65 लाख टन नमक निकाला जाता है. कहा जाता है कि ये खान इतनी बड़ी है कि आने वाले 500 सालों तक नमक की सप्लाई यहां से की जा सकती है. भारत में  भी ये नमक हिमाचल प्रदेश और राजस्थान की सांभर झील से मिलता है लेकिन वो बहुत कम मात्रा में मिलता है और उसकी क्वालिटी भी पाकिस्तान से आने वाले सेंघा नमक की तुलना में उतना ठीक नही है.
नमक की खुदाई करते करते खेवड़ा खदान की गहराई 19 ममंजिला मकान जितनी गहरी हो गयी है. इस खान में बनी सभी सुरंगों की गहराई मापी जाई तो करीब 730 मीटर लंबी बनेंगी

भारत में सेंधा नमक का प्रयोग सदियों से किया जा रहा है.खासकर, व्रत में. हिमालय की पहाड़ियों से आने के कारण इसे रॉक सॉल्‍ट भी कहते हैं. इसके रंग के कारण इसे गुलाबी नमक भी कहा जाता है.