Hunar Haat मेले से किसको मिल रहा है लाभ? यहा जानें…

एक ऐसा मेला, जो अब बस मेला बनकर नहीं रह गया है ब्लकि ये एक ऐसा मंच बन गया है जहां से लोगों के पंख को उड़ान मिल रही है..हालाँकि ये मेला भी किसी आम मेला की तरह ही लगाया गया था..ये मेला 13 फ़रवरी को राजपथ नई दिल्ली के इंडिया गेट लॉन पर आयोजित किया गया था..जिसका समापन 23 फ़रवरी को हुआ..लेकिन इसकी ख़ासियत ये रही कि मात्र 11 दिन चले इस मेले में 17 लाख से अधिक देशी-विदेशी मेहमान पहुंचे..

जी हाँ मैं यहां उसी हुनर हाट मेले की बात कर रही हूँ जहां बैठकर पीएम नरेन्द्र मोदी ने बिहार का खास पकवान लिट्टी चोखा खाया था..पीएम नरेंद्र मोदी ने लिट्टी चोखा खाकर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था.. और इसके बाद इस मेले की रौनक़ में और चार चाँद लग गया था..पीएम के हुनर हाट जाने के बाद से तो यहां आने वालों का आंकड़ा हर रोज बढ़ने लगा.. और अब जाकर दिल्ली में इंडिया गेट के बाद अब हुनर हाट का आयोजन झारखंड में किया गया है..

Image result for hunar haat ranchi

रांची के हरमू चौक पर हुनर हाट का आयोजन किया गया है. यह हुनर हाट 29 फरवरी से 8 मार्च तक चलेगा..आठ दिनों तक चलने वाले इस मेले का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और अर्जुन मुंडा ने संयुक्त रूप से किया.. हुनर हाट मेला राजधानी रांची में पहली बार लगाया गया है. जिसमें 100 क्राफ्ट के स्टॉल लगाये गये हैं. इस हुनर हाट मेले में 22 राज्यों का हुनर दिखेगा. हुनर हाट में रोजाना शाम में दो घंटे 6-8 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा. रांची में ‘हुनर हाट’ में 125 मंडप बनाए गए हैं, जहां महिला कारीगरों सहित देशभर के 250 से ज्यादा कारीगर और शिल्पी भाग ले रहे हैं. कारीगर अपने साथ देश के कोने-कोने से दुर्लभ हस्तनिर्मित स्वदेशी उत्पाद लाए हैं.

Image result for hunar haat ranchi

इस मेले में लोगों को एक ही परिसर में गुजरात का अजरख तो हिमाचल प्रदेश की ट्राइबल ज्वेलरी मिलेगी. हाट में गुजरात की थाली, अम्मी जान की रसोई, बिहार के चूल्‍हे से लेकर नवाबी पकवान, तमिल व्यंजन और पंजाबी रसोई का स्वाद ले सकते हैं. इस मेले में लखनवी चिकनकारी के साथ पटियाला की मशहूर फूलकारी और जूती तो राजस्थान का हैंडिक्राफ्ट और हैंडलूम उत्पाद मिल रहे हैं. असम के बेंत और बांस, जूट उत्पाद से लेकर पश्चिम बंगाल का काथा, ढकाई सिल्क, तांत साड़ी तो वाराणसी सिल्क भी इस मेले में मौजूद है.

इसमें जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के हुनर के उस्तादों द्वारा तैयार उत्पाद उपलब्ध हैं. वहीं, इस मेले में कई जगह सेल्फी प्वाइंट हैं. राँची में चल रहे हुनर हॉट में आगंतुक रोजाना विभिन्न राज्यों के परम्परागत व्यंजनों का लुत्फ उठाएंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखेंगे. बता दें कि केंद्रीय अल्पसंख्यक मामले के मंत्रालय की ओर से देशभर के 100 से अधिक स्थानों पर हुनर हाट का आयोजन किया जा रहा है. भारतीय कारीगरों की धरोहर के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग के उद्देश्य से हुनर हाट का आयोजन किया जा रहा है.. अगला ‘हुनर हाट’ 13 से 22 मार्च, 2020 को चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा.

आने वाले दिनों में “हुनर हाट” गुरुग्राम, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, देहरादून, पटना, भोपाल, नागपुर, रायपुर, पुद्दुचेरी, अमृतसर, जम्मू, शिमला, गोवा, कोच्चि, गुवाहाटी, भुवनेश्वर, अजमेर और अन्य स्थानों में आयोजित किए जाएंगे. अब तक, ‘हुनर हाट’ का आयोजन देश के विभिन्न स्थानों जैसे दिल्ली, मुंबई, प्रयागराज, लखनऊ, जयपुर, अहमदाबाद, हैदराबाद, पुद्दुचेरी और इंदौर में किया जा चुका है..और अब इस लिस्ट में राँची भी शामिल हो गया है.. इस मेले के क्या फ़ायदे है? प्रतिभाशाली कलाकारों को प्लेटफॉर्म मिलता है. भारतीय कारीगरों और शिल्पकारों के विश्वसनीय ब्रांड का निर्माण होता है. भारतीय धरोहर को बढ़ावा देने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को बढ़ावा देने की योजना है. शिल्पकारों और कारीगरों को सशक्तिकरण और रोजग़ार के लिए प्लेटफार्म उपलब्ध करवाना है. मेक इन इंडिया, स्टैंड अप इंडिया और स्टार्टअप इंडिया के उद्देश्य को पूरा करने में सहायक.