WHO ने कहा- जंगली जीव-जंतुओं की बिक्री पर रोक से कोरोना होगा कंट्रोल

दुनिया भर में बढ़ते कोरोना वायरस के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विभिन्न देशों से अनुरोध किया कि जंगलों से पकड़े गए जीव-जंतुओं की खाद्य बाजारों में बिक्री पर आपातकालीन उपाय के तहत रोक लगा दी जाए क्योंकि ऐसे जंतु कोरोना वायरस जैसी महामारी के प्रमुख स्रोत हैं. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक संक्रामक रोगों के स्रोत जानवर, खासतौर पर वन्य जीव-जंतु ही है.

कोरोना वायरस संभव है कि हमारे बीच से कभी ख़त्म ही ना हो: WHO - BBC News  हिंदी

डब्ल्यूएचओ ने एक बयान में कहा, “पारंपरिक बाजार वैश्विक स्तर पर एक बड़ी आबादी के लिए भोजन और आजीविका मुहैया कराने में अहम भूमिका निभा सकते हैं. लेकिन जंतुओं की बिक्री पर रोक लगाने से आम लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा हो सकती है, उन लोगों की भी जो वहां काम करते हैं और जो वहां खरीदारी करते हैं.”

कोरोना वायरस की उत्पत्ति एक साल से भी अधिक समय पहले हुई थी. संक्रमण का पहला मामला सबसे पहले चीन के वुहान शहर में सामने आया था. तब से अब तक इस वायरस की उत्पत्ति को लेकर तरह तरह की अटकलें लगायी गयई है. लेकिन ज्यादातर विशेषज्ञों का यही मानना है कि ये चमगादड़ से किसी अन्य प्रजाति के माध्यम से चीन के पारंपरिक बाजारों में आया..फिर भोजन या दवा के रूप में मानव तक पहुंचा और वहां से पूरी दुनिया में फैल गया. हालांकि सिधे चमगादड़ से इंसानों में संक्रमण फैलने की संभावना न के बराबर बताई गई है.