ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का ट्रायल रुकने पर क्या बोला WHO?यहां जाने कोरोना वैक्सीन से जुड़े हर एक अपडेट…

भारत में कोरोना के नए मामले दुनिया के अन्य देशों की तुलना में तेजी से आगे बढ़ रहा है.लेकिन इन सब के बीच देसी कोरोना वैक्सीन को लेकर एक अच्छी खबर सामने आई है. भारत बायोटेक द्वारा बनाई जा रही देसी कोरोना वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ के पहले चरण के क्लीनिकल ट्रायल हो गए हैं. अब ड्रग रेगुलेटर ने इसके दूसरे फेज के ट्रायल के लिए भी मंजूरी दे दी है. ऐसे में इस वैक्सीन से उम्मीदें और ज्यादा बढ़ जाती है.

Pfizer's Latest Stealthy Move Could Help It Win the Coronavirus Vaccine Race | The Motley Fool

लेकिन इन सब के बीच ICMR का एक चौकानें वाला आंकड़ा सामने आया है. ICMR ने कुछ दिन पहले नेशनल सीरोलॉजिकल सर्वे कराया था जिसके नतीजे सामने आ गए हैं. इस रिपोर्ट में मई की शुरुआत तक 64 लाख 68 हजार 388 लोगों के कोरोना वायरस के संपर्क में आने की बात सामने आई . इसको अगर प्रतिशत में देखे तो ये 0.73 फीसदी वयस्कों के कोरोना से संक्रमित होने की बात है.

वही दूसरी तरफ चीन ने भी अपने पहले नेजल यानी नाक से लिए जाने वाले कोरोना वैक्सीन के ट्रायल को अनुमति दे दी है. इसके पहले फेज का क्लीनिकल ट्रायल नवंबर में शुरू होगा.

The global search for the COVID-19 vaccine will likely produce more than one winner - ABC News

उधर, हाल ही में ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका कंपनी के कोरोना वैक्सीन का ट्रायल रोके जाने पर WHO ने कहा है कि इसे एक चेतावनी के तौर पर देखा जाना चाहिए. हालांकि, वैज्ञानिकों को ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है. किसी भी क्लीनिकल रिसर्च में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं.

डॉक्टर सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि हो सकता है कि साल के अंत तक कुछ परिणाम निकले, या फिर अगले साल नतीजे आएं.’ उन्होंने कहा, ‘हमें परिणाम पाने के लिए थोड़ा धैर्य रखना होगा.’

यहां आपको बता दें कि वैक्सीन के ट्रायल को उस वक्त रोक दिया गया था जब एक वॉलंटिअर पर इसका गंभीर असर दिखाई दिया था. जिसके बाद कई देश ने इसके ट्रायल्स पर फिलहाल के लिए रोक लगा दी है.

हालांकि भले ही इस घटनाक्रम ने वैक्सीन की स्पीड को धीमा कर दिया हो लेकिन कंपनी को अब भी इसके जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है. AstraZeneca के CEO पास्कल सॉरियट का कहना है कि यह वैक्सीन इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरुआत तक आ सकती है.  ऐसे में हम कयास लगा सकते है कि भारत को भी कोरोना की वैक्सीन जल्द मिल सकती है.