आलू का उत्पादन ज्यादा होने पर भी क्यों बढ़ रहे है दाम,यहां जाने इसके पीछे की वजह?

सब्जियों में सबसे अधिक इस्तेमाल किए  जाने वाले आलू पिछले साल की तरह प्याज की राह पर चल रहा है. ये इसलिए कह रहे है क्योंकि पिछले एक महीने में आलू की कीमतों में 40 फीसदी उछाल देखने को मिला है. आपूर्ति में कमी और मांग बढ़ने के कारण पिछले एक महीने में आलू के दाम लगभग 35 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गए हैं.

चेन्नई के प्रमुख शहरों में आलू की कीमत 30-45 रुपये प्रति किलो है.वही मुंबई में, एक किलो आलू की कीमत 35-45 रुपये है, जबकि दिल्ली और कोलकाता में कीमतें 30-40 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच चल रही हैं.

सेहत और सुंदरता का खजाना है आलू - Health ...

हालांकि इस बार आलू का उत्पादन पिछले साल से ज्यादा हुआ है. लेकिन कारोबारियों का कहना हैं कि मंडियों में आलू कम आ रहा है जिसके वजह से दाम बढ़ गए है.

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस साल आलू का उत्पादन भी 3.5 फीसदी ज्यादा है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019-20 के दौरान देश में आलू का उत्पादन 513 लाख टन हुआ जबकि एक साल पहले 2018-19 में देश में आलू का उत्पादन 501.90 लाख टन हुआ था.कृषि वैज्ञानिक की माने तो इस साल फरवरी-मार्च में हुई बारिश के कारण उत्तर भारत में आलू की फसल प्रभावित हुई थी नहीं हो तो उत्पादन और ज्यादा होता.

आलू के बढ़ते दाम पर हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के कार्यकारी निदेशक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि आलू की कीमतों में तेजी की वजह उत्पादन में कमी नहीं हो सकती है क्योंकि दूसरे अग्रिम उत्पादन अनुमान के अनुसार देश में आलू का उत्पादन पिछले साल से ज्यादा हुआ है. ग्रीष्मकालीन फसल कम होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन सीजन में आलू का उत्पादन बहुत ज्यादा नहीं होता कि उससे कीमतों पर असर हो.

वही कई लोगों का ये भी कहना है कि आलू की मांग ज्यादा है. साथ ही, बाकी सब्जी के दाम बढ़ गए हैं. इसलिए लोग अब आलू ज्यादा खरीद रहे हैं.” ऐसे में इसके दाम बढ़ रहे है.

वही कई लोगों का ये मानना है कि ज्यादा मुनाफा कमाने के मकसद से मंडियों में आलू की आपूर्ति कम की जा रही है जबकि कोल्ड स्टोरेज में आलू की कमी नहीं है.

यहां आपको ये भी बताते चले कि आलू ऐसी सब्जी है जिसे लंबे समय तक कोल्ड स्टोरेज में रखा जाता है और इसके खराब होने की संभावना कम रहती है. लेकिन आलू के दाम बढ़ने के बाद गरीबों के लिए ये एक बड़ी समस्या बन गई है. क्योंकि हरी सब्जियों के दाम बढ़ने पर गरीबों के लिए आलू एकमात्र सहारा था अब उसकी भी कीमत आसमान छूने लगी है.