क्या कोरोना की चौथी लहर आने वाली है ?

देशभर में एक बार फिर से कोरोना के नए मामले मिलने लगे हैं। दिल्ली एनसीआर, नॉएडा, ग़ज़िआबाद  में कोरोना तेजी से अपने पैर पसार रहा है। पिछले दिनों गाजियाबाद के दो स्कूलों में पांच छात्रों के पॉजिटिव निकलने के बाद अब नोएडा के सेक्टर 40 स्थित एक स्कूल में 13 छात्र और तीन शिक्षक कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। इसके बाद स्कूल को बंद कर दिया गया है। कक्षाएं आनलाइन चलेंगी। कोरोना के नए मामले निकलने के बाद पुरे स्कूल को सनितीज़े कर दिया गया है। वहीं छात्रों व शिक्षकों के स्वास्थ्य की संपूर्ण जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है। वहीं पिछले करीब 10 दिनों से खाली पड़े सेक्टर-39 के कोविड अस्पताल में रविवार को 12 वर्षीय बच्ची को भर्ती कराया गया है।

अभिभावकों की बढ़ी चिंता, कहा-फिर शुरू हों ऑनलाइन कक्षाएं

स्कूल में कोविड मामले सामने आने के बाद अभिभावकों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। कोरोना को देखते हुए फिलहाल स्कूल ने 17 अप्रैल तक कक्षाएं ऑनलाइन कर दी हैं। हालांकि अभिभावक इस समय सीमा को और बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। संक्रमित बच्चों के अभिभावक जहां इलाज की व्यवस्थाओं में लगे हैं। वहीं उनके साथ पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक की कोविड जांच करवाकर अपने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं।संक्रमित मिलने वाली कक्षाओं के विद्यार्थियों को 18 अप्रैल से कोविड जांच रिपोर्ट लेकर ही स्कूल आने के लिए निर्देशित किया गया है।

“अचानक कोरोना के मामले आने से चिंता बढ़ी है। बच्चे साथ में बस में ट्रैवल करते हैं। कामन वाशरूम का प्रयोग करते हैं। हम भी चाहते हैं, स्कूल चलते रहें, लेकिन डर बना रहेगा। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए अप्रैल-मई में हाईब्रिड मोड पर कक्षाएं चलाई जाए।” -रूपाली ग्रोवर, अभिभावक

बच्चों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता

कोरोना के नए मामले मिलने पर राजीव गुप्ता, स्कूल प्रभंधक ने कहा है की बच्चों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। कोविड मामले सामने आने के बाद स्कूल बंद कर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी गई है। स्कूल खुलने के बाद कोविड टेस्ट के आधार पर ही विद्यार्थियों को बुलाया जाएगा। साथ ही कोविड गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए हर संभव उपाय अपनाया जाएगा।

12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को लेकर बढ़ी चिंता

नए सत्र में दो साल बाद पूरी तरह स्कूलों के खुलते ही अचानक बच्चों के कोरोना संक्रमित होने से अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। नोएडा समेत गाजियाबाद के स्कूलों में कोरोना ने दस्तक दी है। बच्चे और शिक्षक संक्रमित पाए गए हैं। इसने अभिभावकों को परेशानी में डाल दिया है। खासकर 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को लेकर चिंता अधिक है। इन्हें अभी तक वैक्सीन नहीं लगी है। ज्यादातर अभिभावक चाहते हैं कि स्कूल चले, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर अब आनलाइन कक्षाओं की मांग करने लगे हैं। वहीं, 12 वर्ष से ऊपर भी शत प्रतिशत वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। 

क्या है खतरा

सेक्टर-30 जिला अस्पताल एवं सेक्टर 39 कोविड अस्पताल की सीएमएस डॉ सुषमा चंद्रा ने कहा कि पहले भी बच्चों में कोविड की लहर संबंधी संभावनाएं जताई जा चुकी हैं। लेकिन ओमीक्रॉन के दौरान ऐसा कुछ खतरा सामने नहीं आया था। लंबे समय से कोविड अस्पताल में कोई मरीज भर्ती नहीं था, अब एक संक्रमित बच्ची का मामला कोविड अस्पताल में सामने आया है। कोविड अस्पताल में बच्चों के लिए अलग से वार्ड, आईसीयू की पहले से व्यवस्था रही है। लोगों को बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है।

चार दिन में यूं बदले हालात

पिछले चार दिनों में जिले में बचे और बड़ो दोनों के ही नए कोविद मामले सामने आये है।  सोमवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोविड रिपोर्ट में जहा 3 नए मामलों की पुष्टि हुई है। वहीं 3 लोग संक्रमण से ठीक हुए हैं। जबकि सक्रिय केसों की संख्या 54 है।

दिननए केसठीक हुए लोग
11 अप्रैल          33
10 अप्रैल1512
9 अप्रैल912
8 अप्रैल1014
7 अप्रैल1015